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ओउमुआमुआ क्या है तथा सबंधित सामान्य ज्ञान प्रश्न

ओउमुआमुआ एक तारकीय क्षुद्रग्रह है। तारकीय क्षुद्रग्रह वह आकाशीय पिण्ड होता है जो तारों से आया हो अर्थात सूर्य के अतिरिक्त किसी अन्य तारे की परिक्रमा कर रहे किसी पिण्ड के लिए तारकीय शब्द का प्रयोग किया जाता है। ओउमुआमुआ आज तक खोजा गया एकमात्र ऐसा क्षुद्रग्रह है जो किसी अन्य तारे की परिक्रमा करते हुए हमारे सौरमंडल में पहुँचा है।हमारे सूर्य के गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव भी उस पर पड़ा था। मानव इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि हमारे सौरमंडल के बाहर का कोई खगोलीय पिण्ड मानवों द्वारा देखा गया है। वैज्ञानिक दृष्टि से एलियन सभ्यता खोज में ओउमुआमुआ क्षुद्रग्रह की सरंचना कुछ हद तक सहायता कर सकती है।

ओउमुआमुआ की सबसे विचित्र बात यह रही कि यह हमारे सौरमंडल के आम क्षुद्रग्रह की तरह गोलाकार होने की बजाए एक सिगार के आकार का था जिसकी लम्बाई चौड़ाई के आकार से 10 गुना तक आँकी गई है। हालांकि अब यह हमारे सौरमंडल से गुजर चुका है परंतु गहरे लाल रंग के इस एलियन क्षुद्रग्रह ने वैज्ञानिकों के मस्तिष्क में बहुत से प्रश्न छोड़ दिए हैं।

सबसे बड़ा आश्चर्य इसका आकार है 400 मीटर की चौड़ाई वाले इस क्षुद्रग्रह की लम्बाई लगभग 10 गुना अर्थात 4000 मीटर तक आँकी गई है। जो देखने पर एक सिगार जैसा प्रतीत हो रहा था।

ओउमुआमुआ का अर्थ क्या होता है?
ओउमुआमुआ एक हवाई शब्द है जिसका अर्थ होता है सन्देशवाहक। माना जा रहा है कि यह तारों के बीच से आया एक सन्देशवाहक था जिसे बहुत समय पहले हमारी ओर छोड़ा गया था।

जिस टेलिस्कोप (दूरबीन) द्वारा इस तारकीय क्षुद्रग्रह की खोज की गई है वह कहाँ पर स्थित है?
यह दूरबीन हवाई में स्थित है (हवाई प्रशांत महासागर के मध्य में स्थित एक प्रान्त है जो सयुंक्त राज्य अमेरिका के नियंत्रण में है)

जिस दूरबीन द्वारा ओउमुआमुआ की खोज की गई है उसका नाम क्या है?
पैन-एसटीएआरआरएस-1 टेलिस्कोप ने इस तारकीय पिण्ड की खोज की है।

पैन-एसटीएआरआरएस की फुल फॉर्म क्या है?
Pan-STARRS की फुल फॉर्म पैनोरमिक सर्वे टेलिस्कोप एंड रैपिड रिस्पांस सिस्टम है।

ओउमुआमुआ की खोज कब हुई?
इस तारकीय क्षुद्रग्रह की खोज इसके सौरमंडल से गुज़र जाने के 40 दिन बाद 19 अक्टूबर 2017 को हुई थी।

ओउमुआमुआ से ब्रह्मांड की खोज में क्या सहयोग मिलेगा?
इसका असाधारण आकार हमारे ब्रह्मांड की सरंचना व हमारे सौरमंडल के बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने हेतु सहायक हो सकता है। क्योंकि क्षुद्रग्रह ब्रह्मांड की धूल के कण होते हैं तथा इस प्रकार हमारे सौरमंडल में इनकी उपस्थिति इस ओर इशारा करती है कि हो सकता है अन्तरिक्ष से आने वाले धूल कणों के साथ जैविक कण हमारी पृथ्वी तक पहुँचे हो जिन्हें आज हम जीवन के रूप में देखते हैं। यदि यह बात सत्य साबित होती है तो एलियन होने की पुष्टि हो जाएगी। यदि ओउमुआमुआ की बात की जाए तो मानवों के लिए यह बहुत बड़ी खोज है क्योंकि आज तक मानव सौरमंडल से बाहर जाने में असमर्थ है इसलिए सौरमंडल के बाहर से किसी पिंड का आना तथा उसका असाधारण आकार, गति व परिक्रमा की दिशा हमारे ब्रह्मांड के बहुत से राज खोलने में सहायक हो सकती है।

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