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करनाल का युद्ध कब हुआ था

करनाल भारत के हरियाणा राज्य में स्थित एक स्थान है वर्तमान में यह हरियाणा के 22 जिलों में से एक है। करनाल का युद्ध भारत के इतिहास में हुए महत्वपूर्ण युद्धों में से एक है। करनाल का युद्ध 24 जनवरी 1739 को लड़ा गया था। यह युद्ध पानीपत के तृतीय युद्ध से 22 वर्ष पूर्व लड़ा गया था। फ़ारस का शासक नादिरशाह जिसने लूटपाट करने के उद्देश्य से भारत पर आक्रमण किया था का मुग़ल शासक मुहम्मदशाह से सामना करनाल में हुआ। मुहम्मदशाह जिसे इतिहास एक अयोग्य मुग़ल शासक के रूप में जानता है करनाल के युद्ध में मात्र 3 घण्टे लड़ने के पश्चात हार गया था। जीतने के बाद नादिरशाह ने शांति वार्ता के चलते मुहम्मदशाह को 20 करोड़ रुपए हर्जाने के रूप में देने को कहा। किन्तु राजकोष खाली हो जाने की वजह से वह यह हर्जाना न दे सका। उधर सआदत खां के भड़काने पर नादिरशाह ने दिल्ली को लूटने का निर्णय लिया। मुग़ल शासक हार चुका था तथा दिल्ली पूर्णतः नादिर शाह के चँगुल में थी फ़लस्वरूप 2 महीने तक दिल्ली में बसेरा डाल कर नादिरशाह लूट मार करता रहा तथा दिल्ली को तहस नहस कर सारा खजाना खाली कर दिया तथा वापिस अपने वतन लौट गया। इतनी लूटी हुई अपार सम्पति ने नादिर शाह को और ताकतवर बना दिया था। परन्तु वह ज्यादा दिन इस सम्पति को भोग न सका व 8 वर्ष पश्चात 1747 में उसकी मृत्यु हो गई। करनाल के युद्ध में जीत हासिल कर दिल्ली को लूटते समय कोहिनूर का हीरा भी नादिर शाह के हाथ लग गया था। वर्तमान में यह हीरा ब्रिटिश खजाने का हिस्सा है जो अंग्रेजों के शासन के समय ब्रिटेन पहुँचा था। इस प्रकार हमने देखा कि करनाल का युद्ध किस तरह भारत में एक बड़ी तबाही का कारण बना। करनाल के युद्ध से सबंधित अन्य सामान्य ज्ञान प्रश्न निम्न हैं:

1). भारत के किस राज्य को कुचलकर नादिर शाह करनाल तक पहुँचा था जहाँ उसका सामना मुग़ल शासक मुहम्मदशाह से हुआ?
पंजाब को।

2). करनाल के युद्ध में किसने मुहम्मदशाह का साथ दिया था?
निजामुलमुल्क, कमरुद्दीन तथा खान ए दौरां ने।

3). नादिरशाह को दिल्ली पर हमला कर लूटपाट करने के लिए किसने उकसाया था?
अवध के नवाब सआदत खां ने।
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