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भारत में मोबाइल की दुकान कितनी हैं

मोबाइल वर्तमान की सबसे बड़ी माँग है तथा इसने भारत के बाजार पर गहरा प्रभाव डाला है। भारत में आज मोबाइल की 1 लाख 80 हजार से अधिक दुकानें हैं।  मोबाइल उपभोक्ता तथा इसके बाजार का आकार समय के साथ साथ बढ़ता जा रहा है। यदि वर्तमान की बात की जाए तो भारत में कुल 80 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं। मोबाइल की अग्रणी कम्पनियों में एप्पल, सैमसंग, नोकिया, ओपो, वीवो, इत्यादि का नाम लिया जा सकता है। इस समय भारत में सैमसंग उपभोक्ताओं की सँख्या सबसे ज्यादा हैं।
भारत में मोबाइल की दुकानें मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं:
1. होलसेल: यह दुकान मुख्य रूप से शहर में एक या दो ही होती हैं व आकार में बड़ी होती हैं तथा इनकी सँख्या शहर की जनसँख्या तथा वहां के बाजार पर निर्भर करती है। इस दुकान पर हर प्रकार के मोबाइल मॉडल तथा उनसे जुड़ी एसेसरीज मिल जाती है। एक तरफ यह सीधा उपभोक्ताओं को मोबाइल बेचती है दूसरी तरफ छोटे दुकानदारों को भी उनकी माँग के अनुरूप मोबाइल मॉडल उपलब्ध करवाती है। इस प्रकार की दुकान का नेटवर्क आस-पास के छोटे कस्बों व गांवों में चल रही छोटी मोबाइल दुकानों तक होता है। क्योंकि ये छोटी दुकानें कम पैसा इन्वेस्ट कर बनाई गई होती हैं इसलिए हर प्रकार का मॉडल सरंक्षित कर पाने में अक्षम होती है इनकी यह माँग होलसेल की दुकान पूरा करती है।
2. मोबाइल रिपेयर स्टोर: यह दुकान मोबाइल रिपेयर का काम करती है। क्योंकि मोबाइल की उपलब्धता व प्रयोग अधिक है इस कारण इसमें खराबी आना स्वाभाविक है और क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है इसलिए इसमें आई सामान्य सी खामी भी उपभोक्ता के लिए मुश्किल का सबब बन जाती है इसलिए इस समस्या के निवारण हेतु उपभोक्ता अपने मोबाइल को रिपेयर स्टोर पर ले जाना उचित समझते हैं और यहीं से रिपेयर स्टोर दुकानदारों के मुनाफे का काम शरू होता है। वे इस उपकरण की छोटी सी खराबी ठीक करने के लिए 10 गुना तक अधिक पैसे की माँग करते हैं तथा उपभोक्ता इसे अदा भी करता है। क्योंकि मोबाइल की कुल कीमत के अनुपात में इसकी रिपेयर की कीमत बहुत कम होती है इसलिए उपभोक्ता इस बारे में ज्यादा ध्यान नही देता। एक बार मोबाइल बिक जाने पर इसकी देखरेख का पैसा रिपेयर स्टोर के हाथों में जाने लगता है और इस बीच यदि कोई उपभोक्ता मोबाइल ठीक न करवाने की बजाए नए मोबाइल की माँग करता है तो उसे होलसेल की दुकान पर भेज दिया जाता है।
3. मोबाइल रिचार्ज की दुकान: यद्दपि इसका मोबाइल बेचने से कोई लेना देना नही है परन्तु क्योंकि सिमकार्ड चलाने व इसमें रिचार्ज करवाने के लिए मोबाइल होना अनिवार्य है इसलिए यह दुकान अप्रत्यक्ष रूप से मोबाइल बाजार का ही एक हिस्सा है। मोबाइल की बिक्री पर ही रिचार्ज उपभोक्ताओं की सँख्या निर्भर करती है इसलिए ये अपने यहाँ आए उपभोक्ताओं को मोबाइल सबंधी कुछ आधार उत्पाद उपलब्ध करवाते हैं जैसे कि हेडफोन, चार्जर, स्क्रीन गार्ड तथा मूल रूप से सिम कार्ड।
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