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गोरिल्ला युद्ध क्या होता है

गोरिल्ला युद्ध एक विशेष तरह से युद्ध लड़ने की नीति को कहा जाता है। इस नीति का अनुसरण अक्सर छोटे दल करते हैं जो शासन या सैन्य शक्तियों के खिलाफ होते हैं। गोरिल्ला युद्ध में छिप कर या पीछे से अकस्मात प्रहार किया जाता है जिससे शत्रु दल को प्रतिहार करने व संभलने का मौका न मिल सके। इस प्रकार के युद्ध में बड़े दल को अक्सर अधिक हानि उठानी पड़ती है। इस युद्ध के जरिए हमला करने वाले दल के लोग अक्सर अपनी मूल पहचान छुपा कर रखते हैं या किसी गुप्त जगह छिप कर रहते हैं। इस तरह का प्रहार अधिक्तर रात के समय किया जाता है।

क्या है: युद्ध नीति
कौन प्रयोग करता है: छोटे दल या गुट
किसके खिलाफ प्रयोग किया जाता है: शासन या बड़े दलों के खिलाफ
कैसे लड़ा जाता है: छिप कर या पीछे से अकस्मात प्रहार करके

गोरिल्ला युद्ध क्यों लड़ा जाता है: यह युद्ध सीधा नही लड़ा जाता इसलिए इसे धोखा युद्ध भी कहते हैं इस नीति का प्रयोग तब किया जाता है जब एक दल को पता हो कि सामने वाले से सीधी टक्कर में उनकी हर निश्चित है। इसे लड़ने का कारण ताकतवर शत्रु की शक्ति को धीरे धीरे क्षति पहुँचाकर क्षीण करना है।
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