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MNC Full Form in Hindi एमएनसी का पूरा नाम

यदि आप जॉब फील्ड में है या फिर आप एक स्टूडेंट है तो आपने कभी ना कभी एमएनसी (MNC) का नाम सुना ही होगा एमएनसी वास्तव में होती क्या है और इस का फुल फॉर्म क्या है तथा यह नाम इसे कैसे मिला इस बारे में पूरी डिटेल इस पेज पर डाली गई है MNC के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए इस पेज को अंत तक पढ़े:

एम एन सी का पूरा नाम होता है मल्टीनेशनल कारपोरेशन (Multinational Corporation) जिसे हिंदी में "बहु-राष्ट्रीय संगठन" भी कहा जाता है यह एक एसी कंपनी होती है जिसका व्यापार इसके मूल देश के अलावा अन्य देशों में भी चलता है मूल देश के अलावा अन्य देश जिनमें इस कंपनी का कारोबार चल रहा है उनकी संख्या एक भी हो सकती है या एक से अधिक भी। यानि कि आसान शब्दों में कहा जाए तो एमएनसी एक ऐसी कंपनी होती है जिस का कारोबार एक से अधिक देशों में होता है। तथा एम एन सी कंपनी का मुख्यालय इसके मूल देश में होता है मूल देश वह देश होता है जहां से उस कंपनी विशेष की शुरुआत हुई होती है। तथा इसी मुख्यालय से पूरे विश्व में फैली एमएनसी शाखाओं की देखरेख की जाती है व उनकी आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखी जाती है विश्व में फैली हर एक शाखा को चलाए रखने या बंद करने का पूरा अधिकार मुख्यालय के पास होता है।

राजस्व (Revenue): विश्व भर में फैली इन कंपनियों के ग्रुप से जो कुल राजस्व प्राप्त होता है वह उस एमएनसी विशेष कंपनी का पूर्ण राजस्व घोषित होता है यह जरूरी नहीं है कि एम एन सी कंपनी हर देश में लाभप्रद कार्य करे हो सकता है किसी विशेष देश में एम एन सी कंपनी को इतनी अधिक तवज्जो ना दी जा रही हो जैसा की अन्य देशों में दी जाती है। एम एन सी कंपनियां मुख्यत: मूल रूप से विकसित देशों की होती हैं तथा अपना कारोबार विकासशील देशों में बढ़ाती हैं क्योंकि विकासशील देशों में श्रम, संसाधन व कच्चा माल इन्हें आसानी से व कम दामों पर मिल जाता है।

दुनिया की सबसे बड़ी MNC व भारतीय बाजार के नियम: दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन की बात की जाए तो वॉलमार्ट जो कि एक अमेरिकी रिटेल कंपनी है को दुनिया की सबसे बड़ी एम एन सी कंपनी होने का दर्जा प्राप्त है वॉल-मार्ट का कुल राजस्व लगभग 500 बिलियन है जो कि किसी भी अन्य एम एन सी कंपनी से अधिक है। एक से अधिक देशों में काम करने वाली कंपनियों का व्यवसाय मुख्य रूप से किसी भी देश के FDI नियमों के अंतर्गत चलता है एफडीआई का अर्थ होता है फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट। अर्थात विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश जो कि प्रत्यक्ष रुप से किया जाता है हालांकि इसके लिए उस देश की सरकार से अनुमति लेनी होती है तथा उस देश विशेष के नियमों का पालन करना होता है। उदाहरण के तौर पर यदि भारत में विदेशी निवेशकों को निवेश करना इसके लिए उन्हें 3 वर्ष की मार्केट बांड को स्वीकार करना होता है जिसके अंतर्गत भारतीय बाजार में पैसा निवेश करने पर विदेशी निवेशक उसे 3 वर्ष बाद ही निकाल सकते हैं यद्यपि ध्यान रखने योग्य है कि इस प्रकार के नियमों में समय समय पर बदलाव होता रहता है।

गुणवत्ता: एमएनसी द्वारा बनाए जाने वाले प्रोडक्ट में क्वालिटी होती है अर्थात इन बड़ी कंपनी द्वारा बनाया जाने वाला प्रोडक्ट घरेलू बाजार में बने प्रोडक्ट की अपेक्षा अधिक गुणवत्ता लिए होता है इसका कारण है कि जहां घरेलू बाजार में कम्पनियों को सिर्फ एक ही देश के बाजार में प्रतिस्पर्धा करनी होती है वही एम एन सी कम्पनियों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा चलती है जिस कारण प्रोडक्ट की क्वालिटी अर्थात गुणवत्ता में सुधार बहुत ही तेजी से होता है।

आर्थिक शक्ति: MNC कंपनी आर्थिक रूप से बहुत ही शक्तिशाली होती हैं इसी कारण इन कंपनियों में जॉब करने वाले एम्प्लाई का वेतन घरेलू कंपनी में काम करने वाले एम्प्लाई से कई गुना अधिक होता है वहीं यह कंपनियां समय-समय पर अपने एम्प्लाई को प्रशिक्षण दिलवाती हैं जिससे एम्प्लाई को अपने कौशल को निखारने करने में सहायता प्राप्त होती है। यही कारण है कि आज की युवा पीढ़ी एम एन सी कंपनियों की ओर आकर्षित होती है अब यहां आपको पता होना चाहिए कि भारत में कौन-कौन सी एमएनसी कंपनियां हैं जो सबसे उच्च स्तर पर है। आइए जानते हैं भारत की टॉप 5 एम एन सी कंपनियों के बारे में:

1. माइक्रोसॉफ्ट: इस नाम से आप सभी वाकिफ होंगे जो भी व्यक्ति कंप्यूटर चलाता है या जिसे कंप्यूटर का तनिक भी ज्ञान है तो उसे पता होगा कि माइक्रोसॉफ्ट कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बनाने में अग्रणी है।

2. IBM: भारत की दूसरी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भी कंप्यूटर क्षेत्र से संबंधित है यह कंपनी हार्डवेयर भी बनाती है।

3. नेस्ले: शायद आपने इस कंपनी का नाम नहीं सुना होगा लेकिन आपने मैगी और kitkat का नाम अवश्य सुना होगा तो हम आपको बता दें कि यह दोनों नेस्ले के ही प्रोडक्ट है तथा इसके अलावा भारत में बहुत से प्रसिद्ध प्रोडक्ट नेस्ले बनाता है।

4. P&G:  यह नाम भी आपके लिए अनजान हो सकता है लेकिन जब आप ज़िलेट, विक्स या टाइड का नाम सुनेंगे तो आपको पता चलेगा कि जो प्रोडक्ट आप रोजाना है प्रयोग करते हैं वे दरअसल इसी कंपनी द्वारा बनाए जाते हैं।

5. कोका कोला: सॉफ्ट ड्रिंक में सबसे अग्रणी दो ही कंपनियों का नाम आता है कोका कोला या Pepsi तो यहां पर भारत की पांचवी सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के तौर पर कोका कोला का नाम आता है।

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