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भारत का इतिहास कितना पुराना है

विश्व के लिए या किसी भी देश के लिए यह हमेशा एक खोज विषय रहता है कि उस देश में या विश्व के उस स्थान पर मानवीय इतिहास कितना पुराना है। जब भी हम इतिहास की बात करते हैं तो उसमे मात्र मानवीय इतिहास की बात की जाती है अर्थात वह समय जहां से मानव ने जन्म लिया तथा अपने विकास का क्रम शुरू किया। हम भारत में रहते हैं और हमें भी इस बात के बारे में जानने की जिज्ञासा रहती है कि आखिर कब भारत में मानवीय इतिहास शुरू हुआ। इसके लिए इतिहासकार सदैव खोज करते रहते हैं तथा उनकी इन खोजो के आधार पर हम यह पता लगाते हैं कि मानव ने भारत में कब प्रवेश किया। प्रवेश की बात यहाँ इसलिए कही गई है क्योंकि सभी जानते हैं कि मानव मूल रूप से अफ्रीका में जन्मे हैं तथा वहीं से स्थानांतरित होकर पूरे विश्व में फैले हैं अब यदि हमें भारत में मानवीय इतिहास का पता लगाना है तो हमें यह जानना होगा कि भारत में मनुष्य ने कब प्रवेश किया। तो आइए जानते हैं कि आखिर भारत के में इंसान के प्रवेश के पदचिह्न कितने पुराने हैं जो हमें भारतीय इतिहास के बारे में जानकारी देंगे।

वर्ष 1920 में जब हड़प्पा संस्कृति के अवशेषों की खोज की गई तब यह अनुमान लगाया गया कि ये अवशेष 3300 ईसा पूर्व के हैं अर्थात हड़प्पा संस्कृति के आधार पर भारत का इतिहास 5000 साल पुराना है लेकिन प्रश्न यहां पर यह उठता है कि हड़प्पा सभ्यता एक बहुत ही विकसित सभ्यता थी और इंसान का एकदम से इतना विकसित हो जाना संभव नहीं है इस कारण यहाँ से अंदाजा लगाया गया कि इंसान ने हड़प्पा सभ्यता की शुरुआत से भी पूर्व भारत में प्रवेश किया होगा। इसी बात को आधार मानते हुए इतिहासकारों ने आगे की खोज शुरू की। अपनी आगे की खोज में उन्हें मध्य प्रदेश की भीमबेटका गुफ़ाएं मिली। इन गुफाओं में पत्थरों पर बनी चित्रकला के आधार पर पाया गया कि भारत का इतिहास 5000 वर्ष पूर्व की सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) जितना नहीं बल्कि इससे भी कहीं अधिक पुराना है भीमबेटका में बनी चित्रकला पर जब शोध किया गया तो पाया गया कि ये चित्रकलाऐं 30 हज़ार वर्ष पुरानी है तथा दुनिया की अब तक कि ज्ञात सबसे सघन चित्रकला है अर्थात यहां पर 10 किलोमीटर के क्षेत्रफल में जगह-जगह पर 800 चट्टानों पर चित्रकारी पाई गई है जो दर्शाती है कि मानव यहाँ पर स्थाई आवास बना कर रहता था क्योंकि इतनी चित्रकारी एक या दो दिन में नही हो सकती इस पर सालों का समय तो अवश्य लगा होगा। यह चित्रकारी ज्यादातर शिकार से संबंधित है जिसमें मनुष्य को अन्य जीवों का शिकार करते हुए दिखाया गया है। हालांकि यह सदा खोज का विषय रहेगा कि भारत का इतिहास कितना पुराना है लेकिन फिलहाल भीमबेटका की गुफाओं के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि मनुष्य का इतिहास भारत में कम से कम 30000 वर्ष पुराना तो है ही। आगे जैसे जैसे खोजे होती रहेंगी शायद हमारे इतिहास के और अधिक पुराने साक्ष्य मिलें लेकिन अभी जो साक्ष्य हमारे पास है उसके अनुसार भारत का इतिहास 30 हज़ार वर्ष पुराना है।

नोट: यहां पर एक बात याद रखने योग्य है कि भारत के तमिलनाडु राज्य में पत्थर के औजार मिले हैं जैसे कुल्हाड़ी। जो कि मनुष्य द्वारा पाषाण युग में बनाई जाती थी और पाषाण काल का समय 5 लाख वर्ष पूर्व से 20 लाख पूर्व के मध्य पाया जाता है इस कारण तमिलनाडु की इन खोजों के विस्तृत आधार पर हमें मानव इतिहास से जुड़ी आगे की जानकारी मिल सकेगी।
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