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सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियां क्या हैं?


* भारत के सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियां अपनी प्रकृति व विस्तार के अनुसार किसी भी अन्य देश के सर्वोच्च न्यायालय की तुलना में अधिक

* मूल अधिकारों का सरंक्षक (भाग 3 / अनुच्छेद 12 से 35)

* संविधान का अंतिम व्याख्याकार (131, 132, 133)

* आपराधिक मामलों की अपील का अंतिम न्यायालय

* भारत सरकार व एक या एक से अधिक राज्यों के बीच के विवाद की सुनवाई

* राज्यों के बीच के विवाद की सुनवाई

* उच्च न्यायालयों के निर्णर्यों के विरूद्ध सुनवाई, दीवानी व फौजदारी दोनों (132)

* सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के आधार पर निर्णय दिए जा सकते हैं (129)

* निर्णय को किसी अन्य न्यायालय में चुनौती नही दी जा सकती

* मानहानि हेतु दण्डित करने का अधिकार

* रिट - बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेद, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा (32)

* रिट संविधान का मूल ढांचे का हिस्सा (संसद द्वारा कमी व समाप्ति असंभव)

* राष्ट्रपति परामर्श ले सकता है (143)

* परामर्श (किसी पर बाध्यकारी नही)

* निर्णयों का पुनर्विलोकन (137)

* असंवैधानिक कानून निरस्तता

* संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों को हटाना (राष्ट्रपति के लिए SC जांच व प्रमाणिकता आवश्यक)

* सभी न्यायालयों व पंचायतों आदि की निगरानी का अधिकार

* उच्च न्यायालयों के लंबित मामलों का निबटारा

* राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधी विवाद निबटारा (केवल SC)
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