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MSP Full Form in Hindi | एम एस पी की फुल फॉर्म क्या है?

*MSP - Minimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)        

* किसी भी फसल का वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है।

* मौजूदा समय में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उगाई जाने वाली कुल 23 फसलों के लिए MSP निर्धारित करती है।

* MSP की गणना किसानों की उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना कीमत के आधार पर की जाती है।

* MSP का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices) या CACP की शिफारिश पर एक वर्ष में दो बार किया जाता है।

* CACP एक वैधानिक निकाय है जो खरीफ और रबी मौसम के लिए कीमतों की सिफारिश करने वाली अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करता है। 

* MSP का निर्धारण करते समय CACP A2+FL तथा C2 लागत दोनों को ध्यान में रखता है।

* A2 लागत में कि‍सान द्वारा सीधे नकद रूप में और बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरों की मजदूरी, ईंधन, सिंचाई आदि पर किये गए सभी तरह के भुगतान को शामिल किया जाता है।

* A2+FL में A2 सहित अतिरिक्त अवैतनिक पारिवारिक श्रम का एक अनुमानित मूल्य शामिल किया जाता है।

* C2 लागत में कुल नगद लागत और किसान के पारिवारिक पारिश्रामिक (A2+FL) के अलावा खेत की जमीन का किराया और कुल कृषि पूंजी पर लगने वाला ब्याज भी शामिल किया जाता है।

* MSP के साथ प्रमुख समस्या गेहूं और चावल को छोड़कर अन्य सभी फसलों की खरीद के लिए सरकारी मशीनरी की कमी है। गेहूं और चावल की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) के द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत नियमित रूप से की जाती है।

* चूंकि राज्य सरकारों द्वारा अंतिम रूप से अनाज की खरीद की जाती है और जिन राज्यों में अनाज की खरीद पूरी तरह से सरकार द्वारा की जाती हैं, वहां के किसानो को अधिक लाभ होता है। जबकि कम खरीद करने वाले राज्यों के किसान अक्सर नुकसान में रहते हैं।

MSP आधारित खरीद प्रणाली बिचौलियों, कमीशन एजेंटों और APMC अधिकारियों पर भी निर्भर होती है, और छोटे किसानों के लिए इन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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