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AAI Full Form in Hindi ए.ए.आई. फुल फॉर्म

वैश्विक स्तर पर प्राप्त आंकड़ो के अनुसार दिल्ली और मुंबई के बीच हर दिन 130 से अधिक फ्लाइट्स का आवागमन होता है यह सँख्या इसे दुनिया का तीसरा सबसे सबसे व्यस्त विमान रूट बनाती है। इसके अतिरिक्त दिल्ली से बेंगलुरु हर साल 30 हजार के करीब फ्लाइट्स का आवागमन होता है जो इसे दुनिया का 12 वां सबसे व्यस्त रूट बनाता है वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से रोजाना लगभग 1000 फ्लाइट्स का आवागमन होता है और 1000 के करीब फ्लाइट्स ही मुंबई एयरपोर्ट पर प्रबंधित होती हैं। इस प्रकार वर्ष भर में लाखों की सँख्या में विमान भारत को दुनिया से जोड़ते हैं तथा अपने घरेलू विमान जाल के जरिए भारतीय राज्यों के बीच की दूरी को कम करते हैं। लाखों की सँख्या में उड़ने वाले इतने बड़े स्तर के विमानों के लिए भारत को एक ऐसे प्राधिकरण की आवश्यकता थी जो विमानों के आवागमन के चलते आकाश में होने वाली ट्रैफीक (भीड़) को संभाल सके और विमानों के लिए जितने भी एयरपोर्ट्स बनाए गए हैं उनका प्रबंधन व मेंटेनेंस कर सके। इसी कार्य को संभालने के लिए वर्ष 1995 में AAI स्थापना की गई तो आइए जानते हैं AAI की फुल फॉर्म और इसके बारे में वो सभी तथ्य जो सामान्य ज्ञान की दृष्टि से आपको पता होने चाहिए।

AAI की फुल फॉर्म होती है एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Airport Authority of India) इसे हिन्दी में "भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण" कहा जाता है। मौजूदा समय में भारत में स्थित कुल 125 एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा बनाने, उन्हें समय के साथ-साथ नई तकनीकों से अपग्रेड करने, उन्हें व्यवस्थित रखने और किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर इन एयरपोर्ट्स को वित्त सहायता मुहैया कराने सबंधित हर कार्य एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता हैं। AAI का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और यह भारत और अन्य देशों के मध्य होने वाली अंतरराष्ट्रीय व घरेलू दोनों प्रकार की विमान ट्रैफिक को कंट्रोल करने का काम करता है। AAI मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के अंतर्गत आता है तथा इसकी स्थापना 01 अप्रैल 1995 को हुई थी इससे पूर्व यह प्राधिकरण दो भागों में बंटा हुआ था।

1970 के दशक में जब दुनिया के सभी देश तेजी से विमान क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे थे उसी समय वर्ष 1972 में भारत ने भी इस क्षेत्र में मजबूत होने के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IAAI) की स्थापना की जो केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली फ्लाइट्स से संबंधित कार्य संभालती थी। लेकिन भारत जो कि इतना बड़ा देश है इसमें आंतरिक विमान सेवाएं शुरू होने के पश्चात घरेलू स्तर पर भी एक विमानपत्तन प्राधिकरण को स्थापित किए जाने की आवश्यकता महसूस हुई। फलस्वरूप वर्ष 1986 में नेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी (NAA) की स्थापना की गई जो केवल घरेलू स्तर पर चलने वाली विमान सेवाओं को प्रबंधित करती थी। इस प्रकार विमानक्षेत्र में दो प्राधिकरण स्थापित हो गए। लेकिन इन्हें अलग-अलग व्यवस्थित करने में कठिनाई आ रही थी फलस्वरूप विमान प्रबंधन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वर्ष 1995 में दोनों को संगठित कर एक ही प्राधिकरण बनाया गया जिसका नाम रखा गया "एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया" अर्थात AAI आज यह प्राधिकरण भारत की सीमा क्षेत्र व भारत से सबंधित अंतराष्ट्रीय क्षेत्र में होने वाली सभी फ्लाइट्स का प्रबंधन करता है तथा लगभग 22,000 कर्मचारियों के साथ भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राधिकरणों में से एक है।

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