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मॉब लिंचिंग के कारण क्या हैं

मोब लिंचिंग एक अंग्रेजी भाषा का शब्द है यह शब्द मोब और लिंचिंग से मिलकर बना है, मोब का अर्थ होता है भीड़, और लिंचिंग का अर्थ होता है हत्या, तो इस प्रकार जब एक क्रोधित भीड़ हिंसक हो जाती है और किसी की हत्या कर देती है तब इसे मोब लिंचिंग कहा जाता है, यहां पर हिंसक भीड़ उस व्यक्ति को दोषी ठहरा देती है, जिसने उसके खिलाफ या उसके सिद्धांतों के खिलाफ कुछ किया हो, और ऐसे में वह बिना कानूनी आधार पर चले उस व्यक्ति की हत्या कर देती है, जब किसी स्थान पर इस तरह की भीड़ द्वारा लोगों को मारे जाने की घटनाएं सामान्य होने लगती है तो भीड़तंत्र का जन्म होता है

मोब लिंचिंग के कारण -

1. मोब लिंचिंग का सबसे पहला कारण है धर्म और जाति के नाम पर होने वाली हिंसा, जब एक स्थान पर रहने वाले लोग एक दूसरे के धर्म और जाति के प्रति असहिष्णु हो जाते हैं और एक दूसरे के धर्म व जाति को घृणा की दृष्टि से देखने लगते हैं तब मोब लिंचिंग की घटनाएं होने लगती है

2. इसके अलावा जब एक देश में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच अविश्वास की एक गहरी भावना जन्म ले लेती है तो ये दोनों समुदाय हमेशा एक दूसरे को संशय की दृष्टि से देखने लगते हैं, ऐसे में किसी एक समूह के कुछ लोग भीड़ का रूप लेकर ऐसे लोगों पर हमला कर सकते हैं जो उनके धर्म या जाति के खिलाफ कार्य कर रहे हो या या फिर ऐसा करने का उन पर शक हो

3. वही आधुनिकता के साथ लोगों के अंदर व्यक्तिवाद की भावना का विकास हुआ है, जिस कारण सामाजिक जुड़ाव की भावना में कमी आई है, इस कारण लोग विविधता को इतनी आसानी से अपना नहीं पाते, जितनी आसानी से इसे पहले अपनाया जाता था

4. अब क्योंकि माना जाता है कि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता, शायद यही कारण है कि भीड़ में मौजूद लोग सही और गलत के बीच फर्क नहीं करते, ऐसे में वे बिना सोचे विचारे किसी की भी हत्या करने से भी नही कटराते

5. इसके अलावा मोब लिंचिंग में शामिल हुए ज्यादातर लोगों की गिरफ्तारी न होने के चलते भी मोब लिंचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती हैं, ऐसे में पुलिस व्यवस्था की नाकामी भी उजागर होती है साथ ही अपराधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है

6. भारत की बात की जाए, तो भारत में जनप्रतिनिधियों के नैतिक आचरण को नियंत्रित करने को लेकर कोई विशेष प्रावधान नहीं है जिस कारण भारत में निजी हमले तथा अपमानजनक और नफरत फैलाने वाले भाषण काफी सामान्य हो गए हैं, इस तरह के भाषण लोगों को भड़काने का काम करते हैं जिससे मोब लिंचिंग की घटनाएं देखने को मिलती हैं
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