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BA Full Form in Hindi | बीए का पूरा नाम क्या है?

12 वीं की पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी डिप्लोमा या ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के लिए योग्य माना जाता है। भारत में 12 वीं के बाद जिस ग्रेजुएशन प्रोग्राम में सबसे अधिक विद्यार्थी एडमिशन लेते हैं वह है बी.ए. यह 12 वीं के बाद सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला ग्रेजुएशन प्रोग्राम है। BA का इतना प्रचलित होने का कारण है इसका सरल होना व इसमें अधिक्तर विद्यार्थियों के रूचि के विषयों का सामंजस्य होना। BA में बहुत से वैकल्पिक विषय होते हैं जिनमें से विद्यार्थी अपनी पसंद का विषय चुन सकते हैं यही कारण है कि यह ग्रेजुएशन प्रोग्राम इतना अधिक पंसद किया जाता है। यदि आपने 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और आप BA के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पृष्ठ को अंत तक पढ़ें। आपको BA की फुल फॉर्म के साथ ही इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिल जाएंगी।

BA की फुल फॉर्म होती है Bachelor of Arts इसे हिंदी में "बैचलर ऑफ आर्ट्स" लिखा जाता है और इसका हिंदी में अर्थ होता है "कला में स्नातक" यह एक प्रकार का ग्रेजुएशन प्रोग्राम है जो 12 वीं के बाद किया जाता है। आइए अब जानते हैं आगे की जानकारी।

BA भारत ही नही बल्कि पूरे विश्व में एक प्रसिद्ध ग्रेजुएशन प्रोग्राम है हालांकि देशों के अनुसार इसके वर्षों में बढ़ोतरी हो सकती है जैसे कुछ देशों में BA चार से पांच वर्ष की होती है वहीं भारत में BA तीन वर्ष की होती है। BA करने के लिए आपको प्रत्येक वर्ष 5 विषय चुनने होते हैं। BA की पढ़ाई इतिहास व साहित्य में भी की जा सकती है और विज्ञान में भी। हालांकि तकनीकी कोर्स (जैसे कि आई.टी.आई. या पॉलीटेकनिक इत्यादि) से यह पढ़ाई अलग होती है। BA करने वाले विद्यार्थियों के पास यह विकल्प होता है कि वे अपनी आवश्यकता व रूचि के अनुसार कोई भी विषय चुन सकते हैं इसके अलावा लैंग्वेज (भाषा) पर आधारित विषयों का चयन भी BA में किया जा सकता है। यहां ध्यान देने योग्य है कि BA में कौन से विषय लिए जा सकते हैं यह पूर्णतः उस कॉलेज पर निर्भर करता है जहां आप एडमिशन ले रहे हैं क्योंकि अलग-अलग कॉलेजों में BA के लिए अलग विषय ऑफर किए जाते हैं। उदाहरण के लिए पंजाब राज्य के हर कॉलेज में आपको पंजाबी विषय का विकल्प मिलेगा लेकिन हो सकता है यह विकल्प आपको उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में न मिले।

BA में एडमिशन लेने के लिए आपको राज्य या केंद्रीय बोर्ड से 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी इसके बाद आप ग्रेजुएशन में एडमिशन लेने के योग्य हो जाते हैं ततपश्चात आप या तो साधारण BA कर सकते हैं या BA ऑनर्स। साधारण BA में आपको तीन वर्षों में आपके द्वारा चुने गए अलग-अलग विषय पढ़ाए जाएंगे जबकि BA ऑनर्स में आप कोई एक विषय चुन सकते हैं जिसे आप तीनों वर्ष लगातार पढ़ना चाहते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आप राजनीतिक विज्ञान से BA ऑनर्स करते हैं तो राजनीतिक विज्ञान का विषय आपको तीनों वर्ष पढ़ाया जाएगा जबकि बाकी के चार विषय प्रत्येक वर्ष बदलते रहेंगे।

बात यदि फीस की की जाए तो यहां पर BA सबसे मजबूत विकल्प के रूप में उभर कर सामने आता है क्योंकि जहां B.TECH जैसे तकनीकी कोर्स के लिए आपको लाखों रुपए की वार्षिक फीस भरनी पड़ती है वहीं BA के लिए आपको लगभग 10 हजार रुपए के आसपास अदा करने होते हैं। हालांकि यह फीस कॉलेज व राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है परंतु किसी भी हाल में यह तकनीकी या मेडिकल से सबंधित ग्रेजुएशन प्रोग्रामों से कम ही होती है। यदि एक बार आप अपने पंसद के विषय से BA कर लेते हैं तो आप उन सभी पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं जिनमें ग्रेजुएशन की मांग की गई होती है। यदि आप नौकरी नही करना चाहते तो आप आगे B.Ed जैसे कोर्स में एडमिशन लेकर अध्यापन के क्षेत्र में जा सकते हैं या MA जैसे पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स कर अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा IAS या IPS जैसे श्रेष्ठतम पदों पर जाने के लिए भी आप BA को सरल ग्रेजुएशन प्रोग्राम के रूप में उत्तीर्ण कर सकते हैं।

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