Sponsored Links

जन्म प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी Janam Praman Patra Hindi Me Jankari

यह पृष्ठ जन्म प्रमाण पत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हिन्दी भाषा में उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बनाया गया है तथा व्यक्तिगत स्तर पर लगभग प्रत्येक जानकारी समेटे हुए है फिर भी यदि आप कोई अन्य प्रशन पूछना चाहते हैं या किसी प्रकार की जानकारी देना चाहते हैं तो टिप्पणी के माध्यम से सूचित करें

जन्म प्रमाण पत्र क्या है
जन्म प्रमाण पत्र एक प्रमुख दस्तावेज है जो शिशु के जन्म के समय पंजीकृत जानकारी के आधार पर बनाया जाता है इस दस्तावेज में शिशु का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तारिख, जन्म स्थान इत्यादि की जानकारी होती है जो कि मूल अभिलेख में लिखने के पश्चात एक अन्य दस्तावेज (जन्म प्रमाण पत्र) पर प्रिंट कर शिशु के माता-पिता को दी जाती है अगर किसी कारण वश यह दस्तावेज गुम हो जाए तो शिशु के परिजन या बड़ा होने के पश्चात शिशु इसे पुन: प्राप्त कर सकता है जिसके लिए आवेदन करना होता है आवेदन से जुडी प्रक्रिया व अन्य महत्वापूर्ण जानकारी के लिए यह पृष्ठ अंत तक पढ़ें

किस दिनांक के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है
हालाँकि सभी उम्र के व्यक्तियों को जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है किन्तु यदि बच्चे का जन्म 26 जनवरी 1989 के बाद हुआ है तो यह दस्तावेज अनिवार्य है सर्वाधिक परेशानी पासपोर्ट के लिए आवेदन देते समय आती है क्योंकि पासपोर्ट के लिए अनिवार्य दस्तावेजों में “जन्म प्रमाण पत्र” मुख्य है इसके अतिरिक्त हर वह स्थान जहां सटीक जन्म तिथि की आवश्यकता होती है वहां “जन्म प्रमाण पत्र” को सबसे अधिक तरजीह दी जाती है किन्तु यदि आपका जन्म 26 जनवरी 1989 से पूर्व हुआ है तब पासपोर्ट बिना जन्म प्रमाण पत्र के भी बनवाया जा सकता
26 जनवरी 1989 से पूर्व जन्मे व्यक्तियों के लिए जन्म प्रमाण पत्र में किस प्रकार छूट है
यदि किसी व्यक्ति का जन्म 26 जनवरी 1989 से पूर्व हुआ है तथा जन्म प्रमाण पत्र दे पाने में असमर्थ है तो वह व्यक्ति अपना दंसवी उतीर्ण दस्तावेज (जिसमें जन्म दिनांक अंकित हो) दे सकता है; यदि दसवीं ना पढ़ा हो तो पांचवी कक्षा का दस्तावेज भी मान्य है; परन्तु यदि व्यक्ति ने किसी प्रकार की शिक्षा प्राप्त ना की हो तथा जन्म दिनांक से सबंधित दस्तावेज कोई भी अन्य दस्तावेज देने में असमर्थ हो तो वह व्यक्ति एक एफीडेविट (शपथ पत्र/ हलफनामा) दे सकता है जिस पर उसकी जन्म तिथि अंकित हो
जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तारीख गलत है क्या इसे चुनौती दी जा सकती है
जन्म प्रमाण पत्र में अगर आपकी जन्म तारिख गलत है तो इस सन्दर्भ में आप कुछ भी नही कर सकते अर्थात जो जन्म तारीख आपकी जन्म प्रमाण पत्र में है उसे सही माना जाएगा आप इसे चुनौती नही दे सकते इसके उल्ट आपके सभी दस्तावेज (जिनमें आपकी जन्म तारीख अंकित है) को जन्म प्रमाण पत्र के बलबूते झुठला सकते हैं या चुनौती दे सकते हैं उदाहरण के तौर पर: दंसवी उतीर्ण दस्तावेज, लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र या कोई भी अन्य दस्तावेज
जन्म प्रमाण पत्र में अंकित जन्म तारीख को चुनौती क्यों नही दी जा सकती (जबकि परिजन व शिशु के जन्म के सभी साक्षी जन्म प्रमाण पत्र में अंकित तिथि को झुठला रहे हों)
क्योंकि जन्म के समय लिखित में ली गई जानकारी किसी भी प्रकार से गलत साबित नही की जा सकती जबकि बाद में किसी भी उद्देश्य से जन्म तिथि में फेरबदल संभव है उदाहरण के तौर पर भारत में 18 वर्ष का व्यक्ति बालिग माना जाता है परन्तु किसी कारणवश यदि कोई व्यक्ति चाहे तो अपनी आयु गलत बता कर समय से पूर्व ही बालिग़ कहला सकता है या समय के बाद भी नाबालिग की श्रेणी में रह सकता है जो कि दंसवी उतीर्ण दस्तावेज, राशन कार्ड इत्यादि के बलबूते संभव है इसी कारण किसी भी दस्तावेज से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्र को तरजीह दी जाती है क्योंकि शिशु के जन्म के समय आयु का कोई प्रभाव नही होता तथा गलत जानकारी की संभावना न्यूनतम है
मूल अभिलेखों में जन्म प्रमाण पत्र ना मिलने की स्थिति में क्या होगा
यदि मूल अभिलेखों में किसी व्यक्ति की जन्म तारीख नही है उस स्थिति में द्वितीय प्रमाण पत्र व दस्तावेजों (दंसवी उतीर्ण दस्तावेज, राशन कार्ड इत्यादि) को मान्यता मिल जाती है तथा व्यक्ति द्वितीय दस्तावेजों के आधार पर व्यक्ति नए जन्म प्रमाण पत्र व पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है यह स्थित उस समय उत्पन्न होती है जब माता-पिता द्वारा बच्चे का पंजीकरण नही करवाया गया हो परन्तु यह एक असामान्य स्थिति है हालांकि वर्ष 2000 से पूर्व जन्मे बच्चे इसके अपवाद हैं और उनका जन्म पंजीकरण तालिका में नाम ना होना सामान्य बात है
मेरा जन्म प्रमाण पत्र गुम हो गया है कैसे आवेदन करूं या (जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें)
जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए आपको निम्न दस्तावेजों की आवशयकता होगी:
1. आवेदन पत्र
2. राशन कार्ड (या कोई दस्तावेज जिसमे बच्चे का नाम, माता पिता का नाम व जन्म तारीख अंकित हो)
3. आवेदन फीस
आवेदन पत्र: यह एक प्रकार का खाली पन्ना है जिस पर आवेदन कर्ता को अपनी जानकारी भरनी होती है यह जानकारी इस प्रकार है:
1. नाम
2. पिता का नाम
3. माता का नाम
4. जन्म वर्ष (इसमें तीन वर्ष सम्मिलित होंगे; यदि आपका जन्म 1990 में हुआ है तो 1989, 1990 तथा 1991 वर्षों में नामांकित नामों में आपका जन्म प्रमाण पत्र खोजा जाएगा)
5. जन्म स्थान व वर्तमान स्थाई पता
उपरोक्त जानकारी भरने के पश्चात आवेदक को राशन कार्ड की एक फोटोकॉपी (प्रति) आवेदन पत्र के साथ समिलित कर जन्म पंजीकरण कार्यालय में जमा करवानी होगी तथा इसके लिए आवेदन शुल्क (सामान्यत: 100/ रूपए से कम) देना होगा हालाँकि आवेदन शुल्क स्थानों के अनुरूप कम ज्यादा हो सकता है तथा समय के साथ भी इसमें परिवर्तन आ सकता है इसी कारण सटीक आवेदन शुल्क की जानकारी आप कार्यालय से ले सकते हैं
आवेदन के कितने समय में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है
सामान्यत: आवेदन के 15 कार्य दिवस के पश्चात जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है यदि आपका जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध ना हुआ तो आपको “अनुपलब्धता प्रमाण पत्र” दिया जाएगा जिसके द्वारा आप नए जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं
अनुपलब्धता प्रमाण पत्र क्या है
अनुपलब्धता प्रमाण पत्र (नॉट फाउंड सर्टिफिकेट) एक प्रकार का अस्थाई दस्तावेज है जो यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक द्वारा दिए गए आवेदन के बाद जन्म प्रमाण पत्र खोजा गया किन्तु जन्म पंजीकरण सारिका में उपलब्ध नही है यह जन्म पंजीकरण विभाग द्वारा हस्ताक्षर सहित दिया जाता है इस दस्तावेज के साथ ही अन्य दस्तावेज (जन्म तारीख अंकित) लगाकर आवेदक नए जन्म प्रमाण पत्र/ पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है
जन्म प्रमाण पत्र में शिशु का नाम/ माता का नाम/ पिता का नाम गलत हो तो क्या विकल्प हैं
जन्म प्रमाण पत्र में नाम गलत होने के दो प्रकार होते हैं प्रथम प्रकार में वर्तनी (स्पेल्लिंग) में गलती हो जैसे कि “सीमा रानी” का “शीमा रानी” हो इस प्रकार की गलती सुधरने के लिए आवेदन किया जा सकता है जो कि एक सरल प्रक्रिया है परन्तु यदि आवेदक का नाम पूर्णत: गलत है तो इसके लिए एक अन्य प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिस विषय में आवेदन पत्र आप जन्म पंजीकरण कार्यालय से ले सकते हैं
क्या गोद लिए हुए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र लिया जा सकता है
जी हां... गोद लिए हुए बच्चे के अप्राक्रतिक माता पिता बच्चे तथा अपने नाम पर जन्म प्रमाण पत्र ले सकते हैं परन्तु इसके लिए गोद लिए हुए बच्चे से जुड़े सभी दस्तावेज देने होंगे इसी लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बच्चा गोद लेते समय गोद लेने की प्रक्रिया (दस्तावेज तौर पर) पूर्ण की गई हो तथा इससे अलग स्थित में यदि बच्चा किसी रिश्तेदार या दोस्त से गोद लिया है तथा किसी प्रकार का दस्तावेज उपलब्ध नही है तब अप्राक्रतिक अभिभावक को या तो प्राकृतिक अभिभावकों (असली माता पिता) को पेश करना होगा परन्तु एसी स्थिति में यदि प्राकृतिक माता पिता पेश होने में असमर्थ हैं तब मेडिकल ऑफिसर के हस्तक्षेप से यह प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है
जन्म प्रमाण पत्र से सबंधित परेशानियों से बचने के लिए क्या किया जाए
जन्म प्रमाण पत्र जो कि वर्तमान में बच्चे के बालिग होने पर एक परेशानी बन रहा है क्योंकि जन्म तारिख या नाम में गलती सामान्य हो गई है से बचने के लिए माता पिता को बहुत ही सावधानी की जरूरत है शिशु के जन्म के 15 दिन के अन्दर ही जन्म पंजीकरण कार्यालय में शिशु का पंजीकरण करवाया जाना चाहिए शिशु के बारे में दी गई जानकारी जैसे कि शिशु का नाम (जो कि पंद्रह दिन के भीतर रखा जा सकता है), पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तारीख तथा जन्म स्थान के अनुरूप ही एक जन्म प्रमाण पत्र हासिल करें तथा इसे संभाल कर रखें व जहां भी जन्म तारिख के बारे में पूछा जाए तो यह सुनिश्चित कर लें कि बताई गई जन्म तारीख “जन्म प्रमाण पत्र” की जानकारी के अनुरूप सटीक हो
क्या जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है
जी हाँ... जन्म प्रमाण पत्र की प्रति (फोटोकॉपी) ऑनलाइन भी प्राप्त की जा सकती है परन्तु यदि आप अपने ही क्षेत्र में निवास कर रहे हैं तब आप व्यक्तिगत तौर पर जन्म प्रमाण पत्र कार्यालय में जाएं तो अधिक सुविधाजनक है परन्तु दूरस्थ इलाकों में बैठे व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं जिसके लिए प्रत्येक जन्म पंजीकरण कार्यालय (राज्य के आधार पर) की एक अलग वेबसाईट है तथा ऑनलाइन आवेदन पत्र व आवेदन करने की प्रक्रिया प्रत्येक वेबसाईट पर उपलब्ध है

याद रखने योग्य बातें:
1. जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तारीख ही अंतिम मानी जाती है इसी कारण आप सभी दस्तावेजों में जन्म तारीख परिवर्तन करवा सकते हैं परन्तु जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि में बदलाव असंभव है इसी कारण किसी भी प्रकार से यह परिवर्तन करवाने की चेष्ठा करना कानून का उलंघन हैं
2. जन्म प्रमाण पत्र में स्वंय से कोई परिवर्तन ना करें क्योंकि ऐसा करने से पंजीकृत जानकारी तथा जन्म प्रमाण पत्र में दी गई जानकारी में मतभेद उत्पन्न हो जाते हैं जो भविष्य में परेशान कर सकते हैं इसी कारण किसी भी परेशानी से बचने हेतु पूर्ण प्रक्रिया से गुजरें
3. हो सकता है जन्म प्रमाण पत्र एक मात्र दस्तावेज हो जिसमें जन्म तिथि बदलाव करवाने से आपकी जन्म तारीख प्रत्येक स्थान पर ठीक हो सकती है जैसे कि शैक्षिणिक संस्थानों से प्राप्त दस्तावेज, लाइसेंस, मतदाता प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड इत्यादि परन्तु याद रखिए आपका जन्म प्रमाण पत्र इन सभी दस्तावेजों पर भारी है तथा आप इसके बलबूते सभी दस्तावेजों में जन्म तारीख बदलाव करवा सकते हैं जो कि एक जटिल प्रक्रिया हैं व पूर्ण होने में अधिक समय लेती है किन्तु यदि आप भविष्य में किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी (जन्म तिथि से सबंधित) से बचना चाहते हैं तो एक बार इस प्रक्रिया से अवश्य गुजरना पड़ेगा
4. यदि कोई व्यक्ति आपको जन्म प्रमाण पत्र की तारीख में बदलाव करने का विशवास दिलाता है तो याद रखिए वह कानून तोड़कर ही इस प्रकार का कार्य कर सकता है जो कि कानून का उलंघन होगा

5. इस विषय में आप अधिक जानकारी के लिए जन्म प्रमाण पत्र कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं उपरोक्त जानकारी व्यक्तिगत स्तर की है यदि आप के पास कोई अन्य प्रशन/ आपत्ति है तो कृपया टिप्पणी के माध्यम से सूचित करें उत्तर देने का प्रयास किया जाएगा
Sponsored Links

13 टिप्‍पणियां:

  1. MATRIK FAIL ME DATE OF BRITH GALAT HO TO BADALNE KA TARIK

    जवाब देंहटाएं
  2. Mere birth certificate m mom ka naam galat h. Future m dikkat toh nhi ayegi

    जवाब देंहटाएं
  3. सर मैं अपने बच्चे का नाम बर्थ सर्टिफिकेट मैं चेंज करवाना चाहता हूं उसका नाम आर्यन है मैं दिव्यांश देखना चाहता हूं क्या वह चेंज हो सकता है और कैसे चेंज करा सकता हूं प्लीज़ बताएं

    जवाब देंहटाएं
  4. 1.Nagar nikaay me janam parmaan patra excutive officer dwara nhi nirgat hokar Tax daroga k Signature se nirgat qiya gaya hai. qa yah maan hai plzzz sujjest me on following email id

    जवाब देंहटाएं
  5. 2.kisi larke ka janam parmaan patra nagarnikaay k dwara tax droga k signature se date 04.08.2007 ko nirgat qiya gaya fir usi larke k avivaavak k dwara 2013 me sarkari vidyalaya me naamankan k samay 23.04.2008 likhwaya gaya .Bidyalaya k ragister me avivaavak ka signature v mojud hai punh :usi larke k avivaavak k dwara aadhar card me banwate samay 04.08.2008 likhwaa gaya .inme se kon sa janam parmaan patr manya hogaa ya ek hi vaykti k avivaavak k dwara 3 tarah ki janam parmaan patra banwane me farji ka mamla banta hai ki nhi

    please reply on my email id or contact no

    जवाब देंहटाएं
  6. Agar nagar nikaay me birth certificate
    Tax daroga k signature se nirgat qiya gya hai to qa WO certificate

    Manya hogaaa

    जवाब देंहटाएं
  7. Mata pita ka ka permanent address galat hone par thin kiya ja sakta h nahi or agar kiya ja sakta h to iske lie kya karna hoga

    जवाब देंहटाएं
  8. Janm pramad patr nahi bna ho to kese banega marksheet me rong date of birth ho to kese banbaaye

    जवाब देंहटाएं
  9. Papa ke naam ke saath sir name nahi h to Kya ab sir name add ho sakta h

    जवाब देंहटाएं
  10. Date Of Birth In My Birth Certificate And Matric Certificate Is Not Same. So Please Tell Me What To Do ??

    जवाब देंहटाएं
  11. Sat mera name sunil dharma hai mere bachhe 11 sal ka hai uska janm ppraman patra banwana hai Kaiser banega mai kya kru

    जवाब देंहटाएं
  12. बच्चे के नाम के बिना जारी प्रमाण पत्र में नाम कैसे अंकित करवाया जाय.

    जवाब देंहटाएं