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किस राज्य का नाम कैसे पड़ा Kis Rajya Ka Naam Kaise Pada

हरियाणा का नाम: हरियाणा का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है पहला हरि (अर्थात ईश्वर) जो कि हिन्दू देवता विष्णु का ही अन्य नाम है तथा दूसरा शब्द है अणय (अर्थात निवास) जिसका मतलब होता है रहने का स्थान। इस प्रकार हरियाणा शब्द का संयुक्त अर्थ होता है हरि का निवास। इस नाम के पीछे मान्यता है कि कुरुक्षेत्र के युद्ध में जब स्वयं श्री कृष्ण यहां पधारे थे तो युद्ध के चलते उन्होंने यहां निवास किया था जिस कारण इस स्थान का नाम हरियाणा पड़ा। इसके अतिरिक्त एक अन्य मान्यता के अनुसार प्राचीन समय में यहां स्थित हरे भरे जंगलो के कारण इसका नामकरण हुआ। क्योंकि हरियाणा की जलवायु हरियाली के लिए उपयुक्त है तथा निश्चित ही प्राचीन समय में यह हरे वनों से परिपूर्ण रहा होगा इसलिए इसका संस्कृत में नामकरण हरि (हरा) तथा अणय (वन) के तौर पर हुआ। जो कि हरिअणय बनता है तथा समय गुजरने के साथ इसे हरियाणा कहा जाने लगा।

पंजाब का नाम: पंजाब के नाम का साक्ष्य इसकी नदियों के रूप में आज भी अस्तित्व में है। पंजाब शब्द पंज तथा आब से मिलकर बना है। जिसमें पंज अर्थात पांच तथा आब अर्थात पानी होता है। इस प्रकार पंजाब नाम का अर्थ बनता है पाँच पानी की धाराओं का क्षेत्र। पंजाब में पाँच नदियां बहती हैं इन्ही के नाम पर इस राज्य का नाम पड़ा।

उत्तर प्रदेश का नाम: उत्तर प्रदेश भारत के उस भाग पर बना है जो देश के मध्य से उत्तर की ओर शुरू होने वाला पहला खंड है इसलिए इस राज्य का नाम उत्तर प्रदेश रखा गया है।

अरुणाचल प्रदेश का नाम: अरुणाचल दो शब्दों से मिलकर बना है अरुण अर्थात सूरज तथा अचल अर्थात उगना या धरती। इस प्रकार अरुणाचल प्रदेश का अर्थ होता है उगते सूरज का देश या उगते सूरज की धरती।

असम का नाम: असम के नाम रखे जाने के पीछे बहुत से तथ्य दिए जाते हैं इनमें सबसे मान्य है इस क्षेत्र पर शासन करने वाली अहोम जनजाति। माना जाता है कि अहोम से ही असम शब्द बना है। अन्य मतानुसार यह शब्द असम अर्थात जो "समतल ना हो" से बना है क्योंकि असम की धरती समतल नही है।

गुजरात का नाम: गुजरात शब्द का मूल गुर्जर शब्द को माना जाता हैं गुर्जर एक समुदाय है जिसने 600 वर्ष इस क्षेत्र पर राज किया है। गुर्जरों के राज के समय में इस क्षेत्र को गुर्जरत्रा कहा जाता था जिसका अर्थ गुर्जरों की भूमि होता है तथा गुर्जरत्रा से ही गुजरात शब्द बना है।

हिमाचल का नाम: यह नाम दो शब्दों से मिलकर बना है हिम अर्थात बर्फ तथा अचल अर्थात भूमि। इस प्रकार इन शब्दों का सामूहिक अर्थ बनता है बर्फ की धरती। यहाँ के वासी इसे अपना बर्फ का घर कहते थे जिससे हिमाचल नाम बना। और क्योंकि शुरू से ही सन्यास लेने वाले साधु पहाड़ी क्षेत्रों की ओर रूख करते रहे हैं इसलिए यहाँ पर ऋषि मुनियों का दबदबा रहा है जिस कारण आज यहाँ असँख्य धार्मिक स्थान, मंदिर , आश्रम बने हुए है इसलिए इसे देवभूमि भी कहा जाता है।

झारखंड का नाम: झारखंड दो शब्दों का मेल है झार अर्थात झाड़ी तथा खंड अर्थात भाग। झारखंड बिहार के उस हिस्से को अलग कर बनाया गया है जिसमें जंगलों की अधिकता है तथा इन्ही झाड़ीनुमा जंगलों के नाम पर इस राज्य का नाम झारखंड पड़ा है।

जम्मू-कश्मीर का नाम: जम्मू-कश्मीर राज्य में जम्मू का नाम 9 वीं शताब्दी में इस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजा जम्बूलोचन के नाम पर पड़ा है तथा जम्बूलोचन से ही बाद में जम्मू बना तथा कश्मीर का नाम माना जाता है कि कसमीरा से निकला है जिसका अर्थ होता है पानी से निर्जल हुई जमीन। दूसरी मान्यता के अनुसार माना जाता है कि यहां पर लोगों को बसाने वाले राजा का नाम कश्यप था तथा इसी राजा के नाम पर इस क्षेत्र का नाम कश्मीर पड़ा है इस क्षेत्र को इतिहास में कश्यप-मीर अर्थात कश्यप की नदी या कश्यप-मेरू अर्थात कश्यप का पर्वत कहा जाता था और समय के साथ-साथ इसका नाम कश्मीर-मीर या कश्यप-मेरू से कश्मीर हो गया।

उत्तराखंड का नाम: इस राज्य के बनने का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है क्योंकि यह राज्य वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश राज्य के उत्तरी भाग को अलग कर बनाया गया था इसलिए इसका नाम पहले उत्तरांचल रखा गया था जिसका अर्थ होता है उत्तर दिशा की पर्वतीय भूमि तथा बाद में वर्ष 2007 में इसका नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया जिसका अर्थ होता है उत्तर दिशा का खण्ड (भूमि)

मध्य प्रदेश का नाम: जैसे कि राज्य के नाम से ही पता चलता है कि यह भारत के मध्य में बसा है वर्ष 1956 में भोपाल तथा विंध्य प्रदेश को केंद्र भूमि में मिलाकर एक राज्य बनाया गया जिसका नाम रखा गया मध्य प्रदेश। क्योंकि यह राज्य भारत के मध्य में बसा था इसी कारण इसका नाम मध्य प्रदेश रखा गया है।

छत्तीसगढ़ का नाम: इस राज्य के नाम का उल्लेख हमें भारत के इतिहास में मिलता है मराठा साम्राज्य के अंतर्गत इस राज्य का नाम दर्ज है इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ रखे जाने का कारण है इसकी सीमा में आने वाले 36 किले जिन्हें "गढ़" कहा जाता है और इन 36 गढ़ों के आधार पर ही इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ रखा गया है।

बिहार का नाम: इस राज्य का नाम "पाली" भाषा से लिया गया है क्योंकि इस राज्य के अंतर्गत जो क्षेत्र आता है वह प्राचीन में बौद्ध मठों का केंद्र हुआ करता था इसलिए इसे पाली भाषा में विहार कहा जाता था जिसका अर्थ होता है "निवास" और इसी के आधार पर समय के साथ यह नाम विहार से बिहार हो गया और भारत के संविधान में इस क्षेत्र का नाम बिहार दर्ज है।

ओडिशा का नाम: ओडिशा राज्य का नाम यहां पर बसे ओड्र लोगों तथा ओड्र शासन के नाम पर ओड्र विषय या ओड्र देश पड़ा है तथा इसी शब्द से बाद में ओडिशा नाम बना। वर्ष 2010 तक ओडिशा राज्य को ओरिसा नाम से जाना जाता था और यहाँ की भाषा को ओरिया नाम से। लेकिन वर्ष 2010 में नाम परिवर्तन करते हुए राज्य का नाम ओडिशा कर दिया गया तथा इसकी भाषा का नाम ओड़िया कर दिया गया जो कि यहाँ की क्षेत्रीय भाषा में सही उच्चारण है।

राजस्थान का नाम: राजस्थान का नाम दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पहला है राज अर्थात राजा तथा दूसरा है स्थान अर्थात क्षेत्र या भूमि। इस प्रकार राजस्थान के नाम का सयुंक्त अर्थ निकलता है राजाओं की भूमि। राजस्थान जो कि भारत के पश्चिम में स्थित एक राज्य है मध्य काल से ही राजपूतों की भूमि रहा है तथा ब्रिटिश काल में इसे राजपूताना के नाम से जाना जाता था और सम्भवतः राजपूत के नाम से ही राजस्थान के नाम में "राज" शब्द जुड़ा है।

महाराष्ट्र का नाम: महाराष्ट्र राज्य के नाम के विषय में बहुत से सिद्धांत दिए जाते हैं परन्तु जो सबसे मान्य सिद्धांत है उसके अनुसार महाराष्ट्र का नाम "महा" तथा यहां पर रह रहे कबीले "राष्ट्रिका" के सामंजस्य से बना है। राष्ट्रिका के नाम के आगे महा अर्थात महान लगाने पर इस राज्य के नाम का जन्म हुआ तथा महाराष्ट्रिका को ही आज "महाराष्ट्र" के नाम से जाना जाता है।

तेलंगाना का नाम: तेलंगाना का नाम शिव के तीन लिंगो के नाम "त्रिलिंगा" से बना है इस राज्य के
तीन शिवलिंग पर्वतों के कारण इसे प्राचीन में तेलिंगदेसा नाम से जाना जाता था क्योंकि यहां की भाषा में तेलुगु का प्रभाव है तथा बाद में धीरे-धीरे तेलिंगदेसा से तेलिंगा बना तथा तेलिंगा का विस्तार रूप आज तेलंगाना के नाम से जाना जाता है।

आंध्रप्रदेश का नाम: महाभारत तथा वैदिक काल में विभिन्न वेदों में आंध्र जाति का नाम आता है जो कि दक्षिण भारत में बसे थे तथा वहीं पर इस जाति ने एक क्षेत्र बसाया व इस जाति के नाम से ही इस क्षेत्र का नाम आंध्र प्रदेश (आंध्रा की भूमि) पड़ा माना जाता है।

तमिलनाडु का नाम: जैसा कि राज्य के नाम से पता चलता है कि जिस क्षेत्र में यह राज्य बसा है वहां पर तमिल भाषियों की बहुलता है तथा उन्ही के नाम पर इस राज्य का नाम तमिलनाडु अर्थात "तमिलों का देश" पड़ा।

केरल का नाम: इस राज्य के नाम के पीछे दो मुख्य धारणाएं प्रसिद्ध है पहली धारणा के अनुसार केरल राज्य को इसका नाम मलयालम भाषा के शब्द "केरा" अर्थात नारियल का पेड़ तथा दूसरा मलयालम शब्द "अलम" अर्थात "भूमि" इन दोनों शब्दों के सामंजस्य से मिला है। केरा+अलम = केरलम (नारियल के पेड़ों की भूमि) और केरलम शब्द समय के साथ-साथ केरल हो गया क्योंकि केरल में नारियल के पेड़ों की प्रचुरता है। इसके अतिरिक्त माना जाता है कि समुंदर से निकली अतिरिक्त सूखी भूमि पर बसे होने के कारण इस राज्य को यह नाम मिला है।

कर्नाटक का नाम: इस शब्द का उद्गम कन्नड़ भाषा से माना जाता है कन्नड़ में करू का अर्थ होता है ऊँचाई तथा नाडु का अर्थ होता है भूमि। इस प्रकार करूनाडु शब्द का संयुक्त अर्थ निकलता है ऊंची भूमि। ब्रिटिश काल में समय कर्नाटक को कार्नेटिक नाम से जाना जाता था जो दक्षिण भारत की इस ऊंची भूमि के लिए प्रयुक्त शब्द था तथा इसी कार्नेटिक शब्द से कर्नाटक शब्द का जन्म हुआ।

गोवा का नाम: गोवा को प्राचीन समय से ही गोवम, गोवकपुरी, गोवापुरी, गोमत इत्यादि नामों से जाना जाता रहा है और इन्ही नामो से गोवा शब्द की उत्पत्ति हुई है।

मणिपुर का नाम: मणिपुर भारत का राज्य बनने से पहले एक रियासत थी जिसके नाम का अर्थ था मणियों की भूमि या आभूषणों की भूमि। तथा वहीं से इसका नाम मणिपुर पड़ा।

मेघालय का नाम: मेघालय शब्द दो शब्दों से मिल कर बना हुआ है पहला है मेघ जिसका अर्थ होता है "बादल" तथा दूसरा है आलय जिसका अर्थ होता है "घर" इन दोनों शब्दों का सयुंक्त अर्थ निकलता है बादलों का घर। यहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार ही राज्य का नाम मेघालय रखा गया है।

नागालैंड का नाम: इस राज्य का नाम यहां की नागा जाति के नाम पर पड़ा है इस जाति द्वारा अलग राज्य की मांग किए जाने पर असम से अलग कर नया राज्य बनाया गया जिसका नाम नागालैंड रखा गया। नागालैंड का अर्थ होता है नागाओं की भूमि।

मिज़ोरम का नाम: मिज़ोरम शब्द का यहाँ की स्थानीय भाषा में अर्थ होता है पर्वत निवासियों की भूमि। माना जाता है कि यह नाम तीन शब्दों मि+जो+रम से मिल कर बना है जिनका अर्थ क्रमशः "लुइस हिल के लोगों की भूमि" होता है।

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