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पाकिस्तान की मुद्रा क्या है


जिस पड़ोसी देश के सबंध भारत के साथ सबसे तनावपूर्ण रहे हैं वह देश है पाकिस्तान। जब वर्ष 1947 में भारत और पाकिस्तान अलग हुए थे उसके बाद कभी दोनों देशों के मध्य स्थितियां सामान्य नहीं हो सकी और दोनों देशों के मध्य तल्खियों की सबसे बड़ी वजह है कश्मीर का मुद्दा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह पाकिस्तान जिसने आजादी के बाद भारत पर हमला किया था ने वर्ष 1947 में भारतीय मुद्रा पर अपनी सरकारी मुहर लगाकर काम चलाया था। इस मुद्रा को भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता था और पाकिस्तान सरकार अपनी मुहर लगाकर इन नोटों को अस्थाई करेंसी के रूप में परिवर्तित किया करती थी।

पाकिस्तान की मुद्रा का नाम भी रुपया है तथा इसका ISO कोड PKR है। पाकिस्तान में करेंसी स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान जारी करता है तथा भारत की तरह ही एक पाकिस्तानी रुपए में 100 पैसे होते हैं। पाकिस्तान में 1, 2, 5 और 10 के सिक्के चलते हैं वहीं 10 से लेकर 5000 तक के नोट पाकिस्तान में प्रचलित हैं। पाकिस्तान ने अपनी खुद की करंसी 01 अप्रैल 1948 से बनानी शुरू की थी। मौजूद समय में पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान भी अनाधिकारिक रूप से पाकिस्तानी रुपए का प्रयोग करता है।

पाकिस्तान के नोट पर इसके संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर होती है मोहम्मद अली जिन्ना वही व्यक्ति हैं जिन्होंने मुस्लिमों के लिए एक अलग देश पाकिस्तान की मांग की थी और इसी मांग को मानते हुए हुए ब्रिटिश सरकार ने देश को दो भागों में बांट दिया था। पाकिस्तान ने वर्ष 1949 अपने खुद के सिक्के बनाने शुरू किए थे और सर्वप्रथम उसने इन सिक्कों को बनाने के लिए निकल धातु का प्रयोग किया था। 

पाकिस्तान के पंजाब में स्थित लॉरेंस कॉलेज के 150 वर्ष पूरे होने के के दिन को चिन्हित करने के लिए वर्ष 2011 में पाकिस्तान में 20 रुपए का सिक्का जारी किया गया था। वर्ष 2000 में पाकिस्तानी रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले 50 रुपए पर स्थिर थी लेकिन वर्ष 2018 आते-आते यह 135 रुपए के पार पहुंच गई और क्योंकि पाकिस्तान आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है इसलिए अनुमान लगाए जा रहे हैं कि यह कीमत जल्द ही 01 डॉलर = 150 पाकिस्तानी रुपए का आँकड़ा छू लेगी।

वहीं यदि पाकिस्तानी रुपए को भारतीय रुपए के सापेक्ष में देखा जाए तो इसकी कीमत लगभग 1.50 से 02 रुपए के बीच में रहती है अर्थात एक भारतीय रुपए की कीमत पाकिस्तान में डेढ़ से दो रुपए तक होती है। वहीं यदि बात पाकिस्तानी रुपए के इतिहास की की जाए तो आजादी से पूर्व पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में सोने व चांदी के सिक्के चला करते थे परंतु आजादी के पश्चात अपने देश में निकल के सिक्कों की मुद्रा प्रचलित की।
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