Sponsored Links

SATAT Full Form in Hindi सतत फुल फॉर्म

दुनिया की मुख्य समस्याओं में से एक सबसे बड़ी समस्या है ईंधन के सीमित भंडार। धरती से कच्चा तेल निकाल उसे शुद्ध करके पेट्रोल-डीजल या CNG के रूप इस्तेमाल किए जाने का दौर बहुत पुराना रहा है और दुनिया पर इस अनवीनीकरणीय ईंधन की समाप्ति का खतरा भी मंडराता रहता है इसलिए इस प्रकार के ईंधन की समाप्ति के पश्चात किस नवीनीकरणीय ईंधन को एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा इस पर विचार करने के लिए समय-समय पर समितियां बनाई जाती हैं जो इन विषयों पर गहन चर्चा करती हैं और निष्कर्ष निकालती हैं। भारत भी दुनिया के अन्य देशों की तरह ही वैकल्पिक ईंधन खोजने हेतु प्रयत्नशील है और वह चाहता है कि देश में नॉन-रिन्यूएबल ईंधन को रिन्यूएबल ईंधन से बदलने हेतु उचित कदम उठाएं जाएं तथा इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारत रिन्यूएबल ईंधन का विकल्प खोजने के लिए समय-समय पर इनिशिएटिव लेता रहा है। इसी तरह का एक इनीशिएटिव है सतत (SATAT) यह इनिशिएटिव कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को एक वैकल्पिक वाहन ईंधन के रूप में स्थापित करने हेतु प्रयासरत है।

SATAT की फुल फॉर्म :

SATAT की फुल फॉर्म है Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation (सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन) इसका हिन्दी में अर्थ होता है
सस्ते परिवहन की दिशा में सतत विकल्प। सतत का अर्थ होता है सदैव बना रहने वाला। सतत इनिशिएटिव का उद्देश्य भारत में वाहनों के लिए ऐसे सस्ते इंधन का विकल्प मौजूद करवाना है जो निरंतर चलता रहे और रिन्यूएबल हो। और क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है जिस कारण कृषि के अवशेष व बायो कचरे से उतपन्न होने वाली बायोगैस भारत में एक नवीकरणीय ऊर्जा विकल्प के रूप में प्रयोग की जा सकती है इसीलिए इस दिशा में आगे की नीतियाँ तय की जा रही हैं। इस तरह के ईंधन को वाहनों में वैकल्पिक ईंधन के रूप में प्रयोग करने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह एक सर्कल बन जाएगा। पहले कृषि से निकलने वाले अवशेषों से बायोगैस बनाई जाएगी और उसके बाद उसे वाहनों में इस्तेमाल जाएगा और क्योंकि कृषि के अवशेष लगातार भारत में उतपन्न होते हैं इसलिए इस दिशा में बायोगैस का एक अच्छा विकल्प हमारे सामने मौजूद हो सकता है यदि ऐसा संभव हो जाए तो हम बहुत ही सस्ते दामों में देश में घरेलु परिवहन चलाने हेतु सक्षम हो जाएंगे। इसके लिए फिर हमें कच्चे तेल के लिए ईरान जैसे देशों पर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सतत के अंतर्गत कृषि व बायो अवशेषों से बायोगैस प्राप्त कर इसे शुद्ध किया जाता है तथा इसके बाद इसे कंप्रेस कर जो गैस बनती है उसे CBG अर्थात कंप्रेस्ड बायोगैस कहा जाता है जिसे हम CNG के विकल्प के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। कंप्रेस्ड बायोगैस में 95% से अधिक मिथेन का समावेश होता है इसलिए यह हमारेे लिए एक अच्छे वैकल्पिक ईंधन के रूप में कार्य कर सकती है। इसके साथ ही यदि यह योजना सफल हो जाती है तो कृषि अवशेषों का निपटारा भी अच्छी तरह व फायदेमंद तरीके से किया जा सकेगा। भारत सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए सभी योग्य उद्योगपतियों को सीबीजी प्लांट स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित कर रही है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि CNG (जो कि इस समय 44 मिलियन टन प्रतिवर्ष) की खपत से भारत में प्रयोग की जा रही है के विकल्प के रूप में CBG को खड़ा करे तथा इसे परिवहन के लिए चलने वाले वाहनों में प्रयोग करने हेतु सक्षम बनाएं इससे भारत के किसानों का भी फायदा होगा, उद्योगपतियों का भी फायदा होगा और साथ ही सस्ते दामों में परिवहन मौजूद होने के कारण पूरे देश के लोग इससे लाभान्वित होंगे।

यदि कंप्रेस्ड बायोगैस को परिवहन में एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है तो हमें हमेशा के लिए एक वैकल्पिक ईंधन मिल जाएगा। साथ ही कृषि व बायो के अवशेष तथा शहरों से निकलने वाले कचरे का भी आसानी से निपटान किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त पेट्रोल-डीज़ल व CNG पर चल रहे वाहनों से निकलने वाले कार्बन एमिशन में भी कमी आएगी और जलवायु परिवर्तन को भी इससे लाभ पहुँचेगा। साथ ही नेचुरल गैस व पेट्रोलियम उत्पादों पर भी हमारी निर्भरता कम हो सकेगी। जिससे हमारे विदेशी भंडार को फायदा होगा। इसके अतिरिक्त हमें देश में गैस और कच्चे तेल के मूल्य को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। कंप्रेस्ड बायोगैस जो कि एनएरोबिक अपघटन से बनाई जाती है को बनाए जाने की प्रक्रिया भी सहज व सरल है। इन सब फायदों को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा सतत इनीशिएटिव चलाया गया है।

Sponsored Links

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें