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SIDBI Full Form in Hindi सिडबी फुल फॉर्म

भारत एक विकासशील देश है तथा अपनी अर्थव्यवस्था को सदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार समय-समय पर बहुत से सकारात्मक कदम उठाती है। भारत की आर्थिक व्यवस्था में जो सबसे अधिक योगदान देते हैं वे हैं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग। जो कि लोगों अथवा लोगों के समूह द्वारा छोटे स्तर पर स्थापित किए जाते हैं भारत की अर्थव्यवस्था को ऊँचाई देने में इन उद्योगों का बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए सरकार इन उद्योगों की तरफ विशेष ध्यान देती है क्योंकि यदि ये उद्योग सही से स्थापित हो पा रहे हैं और बहुत अच्छी तरह से चल रहे हैं तो इसका मतलब यह होगा कि ये सभी छोटे उद्योग मिलकर पूरे देश की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊर्जा प्रदान कर सकने में सक्षम हैं। सरकार इनकी तरफ विशेष ध्यान देते हुए इन उद्योगों के लिए बहुत सी वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध करवाती है क्योंकि सरकार चाहती है कि इन उद्योगों को किसी भी तरह की वित्तीय मुश्किलों का सामना न करना पड़े। इसलिए सरकार ने बहुत से वित्तीय संस्थान चलाए हुए हैं लेकिन इन सभी संस्थानों में जो सबसे प्रमुख है वह है सिडबी। जो पूर्ण रूप से (MSME अर्थात माइक्रो, स्माल एंड मिडिल इंटरप्राइजेज) को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाती हैं। सिडबी की स्थापना इसलिए की गई है ताकि यह आवश्यकता पड़ने पर इन उद्योगों को उचित वित्त सहायता प्रदान कर सके।

SIDBI (एस. आई. डी. बी. आई.) की फुल फॉर्म :

SIDBI की फुल फॉर्म होती है Small Industries Development Bank of India जिसे हिन्दी में स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया लिखा जाता है तथा इसका हिन्दी में अर्थ होता है भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक। छोटे उद्योगों को ऋण प्रदान करवाने वाली इस संस्था का मुख्यालय उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ में स्थित है तथा इसकी स्थापना आज से लगभग दो दशक पहले 2 अप्रैल 1990 को हुई थी तथा उसी समय से यह संस्था छोटे उद्योगों को नए आयाम दिलाने हेतु प्रयासरत है व उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। सिडबी समय-समय पर कोशिश करती है कि इन उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण की प्रक्रिया को सरल, सहज व तेज बनाया जा सके। यह संस्था भारत के मुख्य बैंक; रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में चलती है इस संस्था के अलावा 3 अन्य संस्थान हैं जो मुख्य रूप से RBI के नेतृत्व में चलते हैं जिनमें से पहला है EXIM अर्थात एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया जो आयात निर्यात हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाता है, दूसरा है नाबार्ड अर्थात नेशनल बैंक फ़ॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट; अपने नाम के अनुसार यह बैंक ग्रामीण व कृषि क्षेत्रों में विकास हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाता है, तीसरा है नेशनल हाउसिंग बैंक जो आवास संबंधी वित्त सहायता उपलब्ध करवाता है।

यदि सिडबी केे आधिपत्य की बात की जाए तो इसमें सबसे बड़ा प्रतिशत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का है जो सिडबी में 16.73% हिस्सेदारी रखता है इसके बाद क्रमश: भारत सरकार तथा लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन जिसे हम LIC के नाम से जानते हैं का नाम आता है। मौजूदा समय में जहाँ स्टार्टअप का दौर बहुत तेजी से चल रहा है ऐसे समय में सिडबी की महत्वता बहुत अधिक बढ़ चुकी है क्योंकि छोटे उद्योगों के विकास के लिए यह एकमात्र ऐसी संस्था है जो मुख्य रूप से आगे होकर कार्य कर रही है और इसी के प्रयासों के चलते बहुत से उद्योग स्वयं को स्थापित कर पाने में सक्षम हुए हैं। सिडबी से वित्तीय सहायता लेकर उद्योग खुद को स्थापित कर लेते हैं तथा जब मुनाफा आना शुरू होता है तो सिडबी से लिया गया ऋण चुका देते हैं। कुल मिलाकर सिडबी इन उद्योगों को शुरुआती स्टार्ट देने का कार्य करती है। देश का कोई भी नागरिक जो किसी प्रकार का उद्योग स्थापित करना चाहता है वह सिडबी से ऋण लेने हेतु आवेदन कर सकता है यदि वह ऋण सबंधी सभी योग्यताओं को पूरा करता है तो उसे अपना उद्योग स्थापित करने हेतु सिडबी द्वारा ऋण प्रदान किया जाता है।

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