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भारत का शेक्सपियर किसे कहा जाता है?

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि भारत का शेक्सपियर किसे और क्यों कहा जाता है? साथ ही जानेंगे भारत के शेक्सपियर के बारे में वो सभी तथ्य जो सामान्य ज्ञान की दृष्टि से आपको पता होने चाहिए।

भारत का शेक्सपियर उपनाम से संस्कृत के "महाकवि कालिदास" को जाना जाता है। शेक्सपियर उपनाम इंग्लैंड में जन्मे इंग्लिश कवि "विलियम शेक्सपियर" से प्रेरित है। यहां पर ध्यान देने योग्य है कि विलियम शेक्सपियर का समय काल वर्ष 1564 से 1616 तक रहा है जबकि महाकवि कालिदास का समयकाल चौथी से पाँचवी शताब्दी के मध्य रहा है इसलिए कालिदास के इस उपनाम के प्रति विरोधाभास की स्थिति बनी रहती है। महाकवि कालिदास के जीवन की बात की जाए तो उनके जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं है यहां तक कि उनके समय काल और उनके जन्म स्थान के बारे में भी इतिहास से हमें कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिलती और न ही कालिदास ने अपनी रचनाओं में अपने समयकाल का कोई जिक्र किया है। उनके जीवन के इन सभी पहलुओं का अंदाजा उनकी कविताओं के माध्यम से ही लगाया गया है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अपनी कविता में जिस स्थान के प्रति प्रेम ज्यादा व्यक्त किया है तो उस स्थान को उनके जन्म स्थान से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा जिस राजा का उल्लेख उन्होंने अपनी कविताओं और नाटकों में किया है उस राजा के समय काल से कालिदास का संबंध जोड़ा जाता है और इसी अनुमान के अनुसार महाकवि कालिदास का जन्म चौथी से पाँचवी शताब्दी के मध्य माना जाता है। कालिदास संस्कृत भाषा के महान कवि थे इसलिए संस्कृत साहित्य पर उनका अतुल्य प्रभाव रहा है। उनके द्वारा लिखे गए साहित्य में अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूतम् ने मुख्य रूप से प्रसिद्धि प्राप्त की है। कालिदास की रचनाएं मुख्य रूप से पुरानी कथाओं तथा दर्शन के आधार पर रची गई हैं। उनकी काव्य क्षमता व प्रभाव को देखते हुए कुछ कवि उन्हें राष्ट्रीय कवि का दर्जा भी देते हैं।

किसे कहा जाता है : महाकवि कालीदास को
क्यों कहा जाता है : कविताओं व नाटक रचनाओं में प्रसिद्धि पाने के कारण
विशेषता : संस्कृत के महान कवि

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