Sponsored Links

देशबन्धु किसे कहा जाता है ?

देशबन्धु (फ्रेंड ऑफ नेशन) उपनाम से चितरंजन दास को जाना जाता है। चितरंजन दास एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी व पेशे से वकील थे। चितरंजन दास का जन्म ढाका में हुआ था जो इस समय बांग्लादेश की राजधानी है व स्वतंत्रता से पूर्व ब्रिटिश की बंगाल प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आता था। इसी कारण चितरंजन दास का योगदान मुख्य रूप से बंगाल क्षेत्र में केंद्रित है तथा बंगाली सभ्यता के अनुसार ही उन्हें देशबन्धु (राष्ट्र का मित्र) कहकर संबोधित किया जाता है। चितरंजनदास को देशबन्धु की उपाधि उस समय मिली जब उन्होंनेे स्वतंत्रता संघर्ष के चलते वकालत छोड़ अपनी सारी संपत्ति मेडिकल कॉलेज और स्त्रियों के अस्पताल को दान में दे दी उनके इस अमूल्य त्याग के लिए उन्हें देशबन्धु कहा जाने लगा। कांग्रेस के नेतृत्व पर पकड़ रखने वाले चितरंजन दास ने वर्ष 1923 तक कांग्रेस के साथ मिलकर स्वतंत्रता संग्राम को बल दिया। वर्ष 1923 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ अपने साथियों के साथ मिलकर स्वराज पार्टी स्थापित की। इसलिए उन्हें समाज पार्टी के संस्थापक नेता के रूप में जाना जाता है।

किसे कहा जाता है : चितरंजन दास को
क्यों कहा जाता है : स्वतंत्रता संग्राम हेतु दिए गए त्यागों के लिए
विशेषता : स्वराज पार्टी के संस्थापक नेता व स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य धारा के वकील

Sponsored Links

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें