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सीमांत गांधी किसे कहा जाता है

सीमांत गांधी उपनाम से राजनेता "खान अब्दुल गफ्फार खां" को जाना जाता है। अब्दुल गफ्फार खां का जन्म वर्ष 1890 में पेशावर में हुआ था जो वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है। क्योंकि गफ्फार खां सीमा से सटे हुए इलाकों में अपने सत्याग्रही आंदोलन के लिए जाने जाते थे इसलिए महात्मा गांधी की तर्ज पर उनका नाम "सीमांत गांधी" पड़ा। इसके अलावा उन्हें "सरहदी गांधी" के नाम से भी जाना जाता था। आम जनों में उनका नाम "बादशाह खान" तथा "बच्चा खां" प्रचलित था।

अब्दुल गफ्फार खान की इच्छा थी कि वे सत्यग्रही आंदोलन के जरिए एक ऐसे भारत का निर्माण करें जो स्वतंत्र भी हो तथा धर्मनिरपेक्ष भी। जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न किया जाए। उनकी इस धारणा सेे पता चलता है कि वे धर्म के आधार पर अलग देश बनाने के हक में नहीं थे। एक स्वतंत्र भारत की नींव रखने के लिए उन्होंने वर्ष 1920 में "खुदाई खिदमतगार" नाम से संगठन बनाया जिसे लाल कुर्ती दल के नाम से भी जाना जाता है। खुदाई खिदमतगार का अन्य नाम "सुर्ख पोश" भी था।

भारत के आजाद होने के पश्चात 02 जनवरी 1954 को अब्दुल गफ्फार खां को "भारत रत्न" से नवाजा गया। 20 जनवरी 1988 में उनकी मृत्यु हो गई थी परंतु भारत की स्वतंत्रता में अब्दुल गफ्फार खां जैसे महान राजनेता के योगदान को देश कभी नहीं भूलेगा।

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