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बिहार की जनसंख्या कितनी है?

जनगणना वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार नेपाल देश से सीमा बनाने वाले बिहार राज्य की कुल जनसंख्या दस करोड़, चालीस लाख, निन्यानवे हज़ार, चार सौ ब्यावन (10,40,99,452) है। इस जनसंख्या में 54 करोड़ 27 लाख पुरुष तथा 43 करोड़ 24 लाख महिलाएं शामिल हैं। जनसंख्या की दृष्टि से बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है इसका नाम क्रमशः उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद आता है। बिहार को भारत के पिछड़े हुए राज्यों में गिना जाता है जिसका एक बड़ा कारण यहाँ की जनसंख्या है जो समय के साथ शैक्षिक व सांस्कृतिक तौर पर पिछड़ती चली गई। लेकिन आधुनिक समय में बिहार उन्नत राज्यों की ओर अग्रसर हो रहा है।

यदि धर्म के आधार पर बिहार की जनसंख्या को देखा जाए तो बिहार में 83% हिन्दू तथा 16% मुस्लिम आबादी है बाकी के सभी धर्म यहां की 1% जनसंख्या में सिमटे हुए हैं। बिहार की जनसंख्या मुख्यतः मैथिली, भोजपुरी, हिंदी, मगधी तथा अंगिका भाषा का प्रयोग करती हैं। हालांकि मुस्लिम आबादी के कारण यहां उर्दू भाषा बोलने वालों की भी अच्छी तादाद है और क्योंकि बिहार राज्य बंगाली क्षेत्रों से सट्टा हुआ है इसलिए यहां पर बंगाली भाषा का प्रभाव देखा जा सकता है यद्द्पि यह प्रभाव सूक्ष्म स्तर पर है।

बिहार की जनसंख्या का लगभग 61% हिस्सा पढ़ा लिखा है इसमें पुरुषों का प्रतिशत महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा है। जहां बिहार में 71% पुरुष पढ़े लिखे हैं वहीं पढ़ाई लिखाई में महिलाओं का प्रतिशत 51 है। यदि केवल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की बात की जाए तो बिहार में 100 में से केवल 44 महिलाओं को ही पढ़ाई लिखाई करने की छूट मिलती है। इसलिए बिहार के पिछड़ेपन का एक बड़ा कारण यहां की कमजोर शैक्षिक नीतियां हैं जो लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा कर पाने में असमर्थ साबित हुई। परन्तु यहां पर यह बात दोहरानी आवश्यक है कि आधुनिक बिहार में शिक्षा का स्तर व प्रतिशत पहले से ऊँचा उठ रहा है।

वहीं लिंगानुपात के मामले में बिहार भारत के कई राज्यों से आगे है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार का लिंगानुपात 918 था। बिहार में 1000 पुरुषों के लिए 918 महिलाएं हैं। हालांकि बिहार को लिंगानुपात बढाने के बारे में और अधिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। बिहार में शिशु लिंगानुपात 935 है जो कि बिहार के बेहतर होते लिंगानुपात की ओर इशारा करता है। मौजूदा समय में शिक्षा व उद्योग क्षेत्र में बिहार तेजी से उन्नति कर रहा है। बिहार के लोगों को रोजगार के लिए स्थानांतरित होकर भारत के अन्य राज्यों में जाना पड़ता है लेकिन बिहार की वर्तमान सरकार द्वारा इस विषय में उचित कदम उठाए जा रहे है जो बिहार की उन्नति व घरेलू उद्योगों के में सहायक सिद्ध होंगे।

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