Sponsored Links

वैलेंटाइन डे से जुड़े सामान्य ज्ञान प्रश्न | GK Question about Valentine Day in Hindi

प्रत्येक वर्ष फरवरी माह में 7 से लेकर 14 तारीख तक का सप्ताह युवाओं में बड़े ही रोचक तरीके से मनाया जाता है। भारत में अधिक्तर जगह पर इसे अवैध करार देते हुए बहुत से निजी बल या कभी कभी सार्वजनिक बल इसका विरोध करते हुए नजर आते हैं। आठ दिन तक चलने वाले इस त्यौहार के प्रति उत्साह के चलते इंटरनेट पर व बाजार में युवाओं को भीड़ लगी रहती है वहीं इसे अच्छा और बुरा कहने वालों की अच्छी खासी तादाद है जो वैलेंटाइन के बारे में एक दूसरे से विपरीत विचार रखते हैं। लेकिन इतना विवादास्पद बन चुका यह वैलेंटाइन त्यौहार आखिर मनाया ही क्यों जाता है, इसका इतिहास क्या है, इससे जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें क्या हैं और वो क्या तथ्य हैं जो इस त्यौहार को इतना विवादास्पद बनाते हैं आइए जानते हैं।

कब मनाया जाता है : वैलेंटाइन डे प्रत्येक वर्ष 14 फरवरी को मनाया जाता है। हालांकि यह केवल एक दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है लेकिन इंटरनेट की मौजूदगी और युवाओं के उत्साह ने इस त्यौहार को आठ दिन लंबा बना दिया है। 7 फरवरी को रोज डे (गुलाब दिवस) से शुरू कर इस त्यौहार को 14 फरवरी वैलेंटाइन डे को समाप्त किया जाता है। 14 तारीख आने से पूर्व फरवरी माह में इसका विरोध करने वाले व इसके पक्षधर दोनों समुदाय अपने-अपने तरीके से इस त्यौहार के लिए तैयारी करते हैं। जहां युवा इस त्यौहार को मनाने के लिए अच्छे से अच्छा तरीका खोजते हैं वहीं इसके विरोध में खड़े समुदाय इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं कि कहीं पश्चिम सभ्यता से जुड़ा यह त्यौहार भारत की संस्कृति को नष्ट न कर दे। हालांकि यहां कौन सही है कौन गलत यह एक बहस का विषय है परंतु यदि तर्क पूर्ण तरीके से देखा जाए तो किसी भी त्यौहार का विरोध निजी स्वंत्रता का हनन है किंतु त्यौहार के नाम पर सार्वजनिक अश्लीलता न हो इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

क्यों मनाया जाता है : वैलेंटाइन डे का इतिहास रोम से जुड़ा है। आज से 1700 वर्ष पहले तीसरी सदी में रोम पर क्लाउडियस (Claudius) नामक राजा का शासन हुआ करता था। क्लाउडियस का मानना था कि एक शादीशुदा सिपाही युद्ध में इतना अच्छा प्रदर्शन नही कर सकता जितना एक अविवाहित सिपाही कर सकता है क्योंकि शादीशुदा सिपाही को सदैव यह चिंता रहती है कि यदि वह युद्ध में मारा गया तो उसके परिवार का क्या होगा इसलिए वह पूर्ण रूप से युद्ध पर ध्यान नही दे पाता और इससे उस सिपाही की युद्ध लडने क्षमता क्षीण होती है। इसलिए क्लाउडियस ने एलान किया कि उसकी सेना में भर्ती कोई भी सिपाही शादी नही करेगा और जब तक सेना में सेवा कर रहा है वह अविवाहित रहेगा। हालांकि यह एक सनक भरा व तानाशाही फरमान था लेकिन उस समय राजा के विरोध में जाने की हिम्मत किसी में नही थी। लेकिन एक संत जिन्हें "सन्त वैलेंटाइन" के नाम से जाना जाता है ने राजा के इस निर्णय का सार्वजनिक विरोध किया तथा गुपचुप तरीके से उन सिपाहियों की शादी करवानी शुरू कर दी जो शादी करना चाहते थे। राजा को जब इस बात की भनक लगी तो उसने संत वैलेंटाइन के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसे जेल में डलवा दिया। वैलेंटाइन को राजा के आदेश की अवहेलना करने के जुर्म में 14 फरवरी को फांसी की सजा दी गई और तब से ही 14 फरवरी को प्यार के नाम पर वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाने लगा।

भारत में कब से मनाया जाने लगा : वर्ष 1990 के दशक में (पी.वी. नरसिम्हा सरकार के समय) भारत ने अपनी आर्थिक नीतियों में ऐतिहासिक सुधार किए जिसके चलते भारत व बाहरी देशों के मध्य सबंध और अधिक गहरे होने शुरू हो गए। इसके बाद बाहरी देशों के टीवी चैनल भारत में भी प्रसारित किए जाने लगे। हालांकि उस समय निर्धन लोगों के पास टीवी जैसे संसाधन मौजूद नहीं थे लेकिन उच्च समुदाह इन्हे आसानी से खरीद सकता था। 1990 का दशक टीवी के माध्यम से भारतीयों को पश्चिमी सभ्यता के नजदीक लेकर आया और फिर इंटरनेट के क्रांतिकारी विकास ने भारतीयों को पश्चिमी सभ्यता की गहन जानकारी दी। जिसके बाद से बहुत से पश्चिमी तौर तरीके भारत में भी अपनाए जाने लगे। इन तौर तरीकों ने भारतीयों के रहन सहन पर प्रभाव डाला। इंटरनेट के चलते वैलेंटाइन डे भी लोगों की जानकारी में आया और क्योंकि भारत में प्रेम के नाम पर कोई विशेष त्यौहार नही था इसलिए युवाओं ने इस त्यौहार को तव्वजो देनी शुरू कर दी और जैसे-जैसे इंटरनेट फैलता गया वैसे ही वैलेंटाइन डे भी आम होता चला गया।

इतना प्रचलित क्यों : भारत (व कुछ अन्य देशों) के इतिहास में प्रेम-विवाह को प्राचीन समय से ही एक अपराध के रूप में देखा जाता रहा है और क्योंकि लोगों के पास मौजूदा संस्कृति में बदलाव हेतु प्रचार के लिए विशेष साधन नही थे इसलिए प्रेम-विवाह की यह अपराध रूपी मान्यता ज्यों की त्यों बनी आ रही थी। लेकिन आज इंटरनेट के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर एक बड़ा प्रचार कर सकता है इसलिए युवाओं ने इस त्यौहार को प्रचारित करना शुरू कर दिया और क्योंकि प्रेम के नाम पर भारत में कोई विशेष दिन तय नही था इसलिए पश्चिमी सभ्यता के वैलेंटाइन डे को ही प्रेम दिवस के रूप में अपना लिया गया। ऑनलाइन प्रचार व युवाओं की रूचि के चलते यह त्यौहार धीरे-धीरे पूरे भारत में प्रचलित हो गया।

वैलेंटाइन डे से पूर्व मनाए जाने वाले दिनों की सूची : वैलेंटाइन डे से पूर्व मनाए जाने वाले सात दिनों की सूची इस प्रकार है

7 फरवरी : रोज़ डे
8 फरवरी : प्रोपोज़ डे
9 फरवरी : चॉकलेट डे
10 फरवरी : टेडी डे
11 फरवरी : प्रॉमिस डे
12 फरवरी : किस्स डे
13 फरवरी : हग डे

*14 फरवरी : वैलेंटाइन डे*

आइए अब जानते हैं वैलेंटाइन डे के बारे में कुछ रोचक तथ्य :

1. प्रत्येक वर्ष अमेरिका में वैलेंटाइन डे पर लगभग 19 करोड़ गुलाब के फूल बिकते हैं।

2. हर साल पूरे विश्व में फूलों की सबसे ज्यादा खपत वैलेंटाइन डे के दिन होती है।

3. कैडबरी कंपनी के संस्थापक जॉन कैडबरी के सुपुत्र रिचर्ड कैडबरी ने वर्ष 1868 में पहली बार "हार्ट" के आकार का चॉकलेट डिब्बा वैलेंटाइन डे के लिए ही बनाया था।

4. वैलेंटाइन डे के दिन 3 करोड़ 50 लाख बिकने वाली चॉकलेट हार्ट शेप्ड होती हैं।

5. वैलेंटाइन डे का प्रचलित लोगो "क्यूपिड" होता है जिसमें एक बच्चा दिल के आकार का तीर-धनुष चला रहा होता है।

6. रोमन सभ्यता के अनुसार क्यूपिड शुक्र (वीनस देवी) का पुत्र था जो कि प्यार व सुंदरता की देवी हैं।

7. पॉप गेलासिस प्रथम ने 496 ईस्वी में 14 फरवरी को संत वैलेंटाइन डे नाम दिया था।

8. वैलेंटाइन डे पर लाल गुलाब इसलिए दिया जाता है क्योंकि रोमन सभ्यता के अनुसार माना जाता है कि शुक्र (जिसे रोम में वीनस देवी के रूप में पूजा जाता है तथा जो प्यार की देवी मानी जाती हैं) को लाल रंग पसंद है।

9. वैलेंटाइन डे पर खरीदे जाने वाले कार्ड्स में से 85% कार्ड केवल महिलाओं द्वारा खरीदे जाता हैं।

10. अमेरिका में क्रिसमस के बाद सर्वाधिक कार्ड वैलेंटाइन डे के दिन ही भेजे जाते हैं।

11. वैलेंटाइन डे पर खरीदे जाने वाले गुलाब में से 73% केवल पुरुषों द्वारा खरीदे जाते हैं।

12. वर्ष 1876 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को टेलीफोन का पेटेंट 14 फरवरी को ही मिला था।

13. वर्ष 1537 में किंग हेनरी (आठवां) ने 14 फरवरी को छुट्टी घोषित की थी। किंग हेनरी (आठवां) ने अपनी अधिक्तर पत्नियों को केवल इसलिए मरवा दिया था क्योंकि वो पुत्र पैदा नही कर सकी थी।

14. पेनिसिलिन वर्ष 1929 में 14 फरवरी को ही इंट्रोड्यूस हुई थी।

प्यार के बारे में कुछ रोचक तथ्य :

1. हालिया शोध में पता चला है कि प्यार का सीधा सबंध मानसिक गतिविधियों व शारीरिक हार्मोन से है और ये जितनी अधिक होती हैं प्यार उतना ज्यादा होता है इसलिए एक दिन ऐसा आएगा जब प्यार को मापा जा सकेगा।

2. प्यार हमारे मस्तिष्क में वैसी ही लत जगाता है जैसी कोकीन की लत होती है।

3. हमें किसी से भावनात्मक प्यार पूर्वक पेश आने में 4 मिनट का समय लगता है।

4. किसी पर क्रश आने (आकर्षण की भावना) की समय सीमा ज्यादा से ज्यादा 4 महीने की होती है यदि यह इससे अधिक है तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति प्यार में है।

5. अपने प्रेमी/प्रेमिका का हाथ पकड़ना आपको मानसिक व शारीरिक दोनों तरह के दर्द से राहत देता है।

6. प्यार में पड़ना मस्तिष्क के उस क्षेत्र को विकसित करता है जो यादाश्त तेज करता है।

7. औरत के मुकाबले मर्द प्यार में जल्दी पड़ते हैं।

8. "आई लव यू" शब्द सबसे ज्यादा नवंबर माह में बोला जाता है।

9. प्यार में पड़ने के डर को "फिलोफोबिया" कहा जाता है।

10. प्रेम के लिए प्रयोग किया जाने वाला हार्ट चिह्न पहली बार वर्ष 1250 में प्रयोग किया गया था इससे पूर्व पत्ते को प्यार का चिह्न माना जाता था।

11. दुनिया में रोजाना 30 लाख जोड़े पहली बार डेट पर जाते हैं।

12. एरोटोमेनिया एक ऐसी साइक्लोजिकल अवस्था है जिसमें व्यक्ति को लगता है कि सेलेब्रिटीज उसके प्यार में पागल है।

13. संस्कृत में प्यार के लिए 96 शब्द हैं जबकि प्राचीन पारसी में 80 और अंग्रेजी में 01

14. शादी टूटना या बरेअक अप होना वास्तव में आपके दिल को फिजिकल क्षति पहुँचाते हैं।

Sponsored Links

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें