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ISA Full Form in Hindi | आई एस ए का पूरा नाम क्या है?

पृथ्वी पर रह रहे हम प्राणी ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ईंधन का प्रयोग करते हैं और यह ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए हम मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन पर निर्भर हैं लेकिन मौजूदा समय में सभी देशों द्वारा जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता समाप्त करने के बारे में सोचा जाने लगा है क्योंकि जीवाश्म ईंधन पृथ्वी पर सीमित मात्रा में उपलब्ध है और बड़ी ही तेजी से समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि बहुत से देश अपने-अपने स्तर पर इस निर्भरता को खत्म करने हेतु प्रयास कर रहे हैं। इसी प्रयास में भारत ने दुनिया को आईएसए (ISA) से जुड़कर कार्य करने हेतु आमंत्रण दिया है। दुनिया के 121 से अधिक देश भारत के इस आमंत्रण को स्वीकार कर भारत व अन्य सदस्य देशों के साथ गठबंधन कर रहे हैं और इसी गठबंधन को आईएसए (ISA) के नाम से जाना जाता है आज हम ISA की फुल फॉर्म जानने के साथ ही जानेंगे इससे जुड़े उन सभी प्रश्नों के उत्तर सामान्य ज्ञान की दृष्टि से हमें पता होने चाहिए।

ISA की फुल फॉर्म होती है International Solar Alliance जिसे हिंदी में इंटरनेशनल सोलर अलायन्स लिखा जाता है और इसका हिंदी में अर्थ होता है अंतराष्ट्रीय सौर गठबंधन

30 नवंबर 2015 को भारत ने फ्रांस के साथ मिलकर पेरिस में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत की और इसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की थी। नरेंद्र मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन बनाए जाने की घोषणा सर्वप्रथम लंदन के वेंबली स्टेडियम में अपने भाषण के दौरान की गई थी। यह गठबंधन बनाए जाने का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ उर्जा, स्थाई पर्यावरण व जलवायु बचाव के समर्थन में सभी देशों को एक साथ लाना है। इसके लिए वे सभी देश जो कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच बसे हैं उन्हें गठबंधन के लिए आमंत्रित किया गया है और सूर्य की ऊर्जा का सकारात्मक प्रयोग करने व इसके प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच बसे देशों को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सूर्यपुत्र" कहकर संबोधित किया था क्योंकि सूर्य से आने वाली ऊर्जा का सर्वाधिक भाग इन्ही देश पर पड़ता है।

मौजूदा समय में 121 से अधिक देश इस गठबंधन का हिस्सा बन चुके हैं और वे देश जो कर्क व मकर रेखा के बीच नही स्थित है वे भी इस गठबंधन का हिस्सा बनने हेतु स्वतंत्र हैं। यूनाइटेड नेशंस के सभी सदस्य देशों में से अधिकतर देश इस गठबंधन का हिस्सा बन चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को इंटरनेशनल एजेंसी फॉर सोलर पॉलिसी एंड एप्लीकेशन (IASPA) के नाम से भी जाना जाता है तथा इसका मुख्यालय भारत के गुरुग्राम में स्थित है।

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