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WPI Full Form in Hindi | डब्ल्यू पी आई का पूरा नाम क्या है?

भारत में महंगाई के स्तर को बहुत सी विधियों द्वारा मापा जाता है उन्ही में से एक विधि है WPI जो कि एक प्रकार का सूचकांक होता है जो वर्तमान समय के वस्तु मूल्य की किसी आधार वर्ष (2011-12) से तुलना कर महंगाई की गणना करता है। WPI भारत जैसे देश में प्रचलित रूप से प्रयोग किया जाता है।

WPI की फुल फॉर्म होती है Wholesale Price Index जिसे हिंदी में होलसेल प्राइस इंडेक्स लिखा जाता है तथा इसका हिंदी में अर्थ होता है थोक मूल्य सूचकांक

जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि WPI वस्तुओं के थोक मूल्य का अंतर माप कर किसी देश की अर्थव्यवस्था में उभर रही या गिर रही महंगाई की गणना करता है। इस गणना के लिए किसी भी पुराने वर्ष को एक आधार वर्ष मान लिया जाता है और कोशिश की जाती है कि आधार वर्ष वर्तमान वर्ष की व्यवस्थाओं से मेल खाता हो। WPI के लिए पहले 2004-05 को आधार वर्ष माना गया यह लेकिन अब यह 2011-12 कर दिया गया है। अब जो भी WPI निकाले जाते हैं वे आधार वर्ष 2011-12 से तुलना करके निकाले जाते हैं।

थोक मूल्य सूचकांक के साथ परेशानी की बात यह है कि थोक मूल्य में मिलने वाले सामान और खुदरा मूल्य में मिलने वाले सामान के मूल्य में काफी अंतर होता है इसलिए कुछ व्यापार करने वाले व्यक्ति थोक मूल्य सूचकांक को महंगाई का सही मापक नही मानते। यहां आपको यह पता होना चाहिए कि बड़ी मात्रा में खरीदे गए सामान (जो दुकानदार बेचने के लिए खरीदते हैं) को थोक मूल्य तथा अपने प्रयोग के लिए छोटी मात्रा में खरीदे गए सामान (जो ग्राहक निजी प्रयोग के लिए खरीदते हैं) को खुदरा मूल्य पर बेचा जाता है और इन दोनों मूल्यों में काफी अंतर होता है क्योंकि खुदरा मूल्य में दुकानदारों का मुनाफा भी अतिरिक्त जोड़ा जाता है जिससे वस्तुएँ थोक मूल्य की अपेक्षा महंगी हो जाती हैं।

WPI कैसे मापा जाता है: WPI को मापने के लिए भारत सरकार ने 435 वस्तुओं की सूची बनाई है जिसमें रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं से लेकर बड़ी वस्तुएँ भी शामिल हैं। इन वस्तुओं के थोक मूल्य का औसत आधार वर्ष में जोड़ कर महंगाई की गणना की जाती है उदाहरण के लिए :

मान लीजिए:

वर्ष 2011-12 में चीनी का मूल्य 80 रुपए प्रति 02 किलोग्राम था और वर्तमान में यह बढ़कर 100 रुपए प्रति 02 किलोग्राम हो गया

तो यदि इसे प्रतिशत में निकालें तो यह 20% बनता है

अब WPI इंडेक्स निकालने के लिए हम आधार वर्ष को 100 मानकर चलेंगे

इस प्रकार 80 रुपए को यदि WPI में 100 माना जाए

तो वर्तमान में WPI होगा 100+20 =120

इस प्रकार सभी 435 वस्तुओं के थोक मूल्य का औसत निकालकर WPI इंडेक्स तैयार किया जाता है। और यह इंडेक्स प्रति हफ्ता जारी होता है जो हमें बढ़ रही महंगाई की सीधी जानकारी देता है।

भारत सरकार द्वारा सूचीबद्ध की गई 435 वस्तुओं को सूचीबद्ध करते हुए इस बात का ध्यान रखा जाता है कि प्रत्येक वस्तुदल का प्रतिनिधित्व इस इंडेक्स में हो सके और यदि सरकार को लगता है कि एक समय किसी खास वस्तु को इंडेक्स में ज्यादा हिस्सा मिलना चाहिए तो सरकार कृत्रिम रूप से किसी वस्तु विशेष का WPI में वेटेज बढ़ा सकती है।

WPI की अन्य फुल फॉर्म :

WPI शब्द यदि प्रोडक्शन (उत्पादकता) क्षेत्र में प्रयोग किया जाए तो इसका अर्थ होता है Work in Progress (वर्क इन प्रोग्रेस) अर्थात कोई ऐसा उत्पाद जो बनने की प्रक्रिया में हो।

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