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B.Arch Full Form in Hindi | बी आर्क का पूरा नाम क्या है?

भारत एक विकासशील देश है इसलिए यहाँ पर कंस्ट्रक्शन (अर्थात निर्माण) का कार्य बड़ी ही तेज गति से चल रहा है। निर्माण कार्य में आप रोजाना देख सकते हैं कि नई बिल्डिंग्स, नए मॉल, नए रेस्टोरेंट, नए भवन, नए व्यवसायिक केंद्र इत्यादि बड़ी ही तेजी से बन रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन बड़े-बड़े रेस्टोरेंट या मॉल की जो सरंचना बनाई गई है यह किसने बनाई होगी। क्यों और कैसे हर एक चीज अपनी जगह पर उचित तरीके से सेट है। अगर नही सोचा तो आज आप जान लीजिए कि विकासशील भारत के निर्माण में उन विद्यार्थियों का बहुत अधिक योगदान है जो B.Arch का कॉर्स या तो कर चुके हैं या कर रहे हैं। बी आर्क एक ऐसा कोर्स है जिसमें भवनों, दुकानों, इमारतों, रेस्टोरेंट, मॉल व व्यवसायिक केंद्रों इत्यादि को डिज़ाइन करना सिखाया जाता है। इन सब इमारतों का जो आंतरिक व बाहरी रूप आप देखते हो उसे बड़ा ही सोच विचार कर व गहन चिंतन करके बनाया जाता है। यदि आप भी इसी तरह के कार्य में रूचि रखते हैं तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए ही है। आप इन नवनिर्मित इमारतों व भवनों के लिए डिज़ाइन बनाकर एक अच्छी खासी नौकरी तो पा ही सकते हैं इसके अलावा यदि आप में काबिलियत है तो निर्माण क्षेत्र में लाखों रुपए की आय आपका इंतजार कर रही है। तो आइए जानते हैं कि बी आर्क क्या है, इसकी फुल फॉर्म क्या है और इससे जुड़ी वे सभी बातें जो सामान्य ज्ञान की दृष्टि से आपको पता होनी चाहिए।

B.Arch की फुल फॉर्म होती है Bachelor of Architecture इसे हिंदी में "बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर" लिखा जाता है और इसका हिंदी में अर्थ होता है "वास्तुकला में स्नातक" आइए अब जानते हैं आगे की जानकारी।

बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में एडमिशन लेने के लिए सबसे पहले आपको 12 वीं तक की पढ़ाई पूरी करनी होगी। 12 वीं में यदि आपके 50% या इससे अधिक अंक आ जाते हैं तो आप बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में एडमिशन लेने हेतु योग्य हो जाते हैं। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको NATA नामक एंट्रेंस एग्जाम देना होता है नाटा की फुल फॉर्म होती है "National Aptitude Test in Architecture" और इस एग्जाम में आपके द्वारा प्राप्त किए गए अंको के आधार पर ही आपका एडमिशन उच्च स्तर के आर्किटेक्चर कॉलेज में होना तय होता है। यहां पर आपको यह जान लेना चाहिए कि यदि आपने 12 वीं की पढ़ाई नही भी की है तब भी आप बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में एडमिशन ले सकते हैं परंतु इसके लिए आपको दसवीं के बाद 3 वर्ष का डिप्लोमा करना अनिवार्य है। आपको बता दें कि 3 वर्ष का डिप्लोमा थी आर्किटेक्चर ट्रेड से किया जा सकता है। जिसके लिए राज्य स्तर पर सरकार द्वारा पॉलीटेकनिक कॉलेज खोले गए हैं।

बी.आर्क का कोर्स 5 वर्ष का होता है और इसके लिए यदि आप सरकारी कॉलेज में चयनित हो जाते हैं तो आपको दो लाख तक की फीस देनी पड़ सकती है इसके अलावा यदि आप प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपको छह लाख तक की फीस देनी पड़ सकती है। यहां पर केवल फीस खर्च की बात की जा रही है इसके अलावा अन्य खर्चा (जैसे कि किताबों का खर्च, रहने का खर्च, यूनिफार्म इत्यादि का खर्च) भी आपको देना होता है। हालांकि यह कोर्स देखने में थोड़ा महंगा प्रतीत होता है परंतु इस कोर्स को करने के बाद आपको शुरुआत में ही 2 से 4 लाख तक का वार्षिक वेतन मिलने लगता है जो कि एक अच्छा रिटर्न है।

यद्यपि यह वेतन पाना आपकी योग्यता पर निर्भर करता है यदि आप योग्य होंगे तो आप कॉलेज से निकलते ही अच्छी खासी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप नौकरी नहीं करना चाहते तो अपनी डिग्री के बलबूते अपना निजी व्यापार चला सकते हैं। जिसके जरिए आप आम लोगों द्वारा किए जा रहे निर्माण के साथ-साथ सरकारी निर्माण के लिए भी अपनी डिजाइन की सुविधा दे सकते हैं। बी.आर्क करने के बाद ग्रोथ लेने के लिए आपके पास कितना स्कोप है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कृषि क्षेत्र के बाद भारत का सबसे बड़ा सेक्टर कंस्ट्रक्शन क्षेत्र का ही है और आने वाले वर्षों में भारत के शहरों को तेजी से स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जाएगा जिस कारण आर्किटेक्चर में बड़ी सँख्या में नौकरियां निकलने का अनुमान है। यहां पर आपको इस बात का ध्यान रखना है कि कोई भी कोर्स चुनते हुए आपकी रुचि सबसे अहम रोल अदा करती है इसलिए यदि आपकी रुचि इमारतों इत्यादि का डिज़ाइन करने में है तभी आप बी. आर्किटेक्चर को ज्वाइन कीजिए अन्यथा दूसरे कोर्स के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कीजिए उसके बाद ही कोई एक कोर्स चुने जिसमें आपको लगता है कि आपकी रुचि बन रही है। भेड़ चाल में न चलें अपनी योग्यता को पहचाने व उचित गाइडेंस लेकर ही कोर्स का चयन करें।

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