सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनाव के लिए किस कंपनी ने बैलेट बॉक्स की आपूर्ति की थी?

भारत में जब प्रथम चुनाव हुए थे उस समय देश बड़ी तब्दीलियों से गुजर रहा था और क्योंकि भारत हाल ही में स्वतंत्र हुआ था और अंग्रेजों व अन्य आक्रमणकारी शासकों द्वारा हजारों वर्षों तक लूटा गया था इसलिए भारत में गरीबी और अनपढ़ता ने पैर पसार रखे थे। ऐसे समय में भारत में चुनाव करवाने की योजना बनाई गई क्योंकि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हो चुका था जिसकी पहली माँग थी आम चुनाव के माध्यम से सरकार को चुना जाना। आम चुनावों के जरिए स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री व पहली सरकार का चयन किया जाना था। उस समय भारत में कांग्रेस सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी थी लेकिन 17 करोड़ 32 लाख मतदाताओं के वोट (जो कि बैलेट पेपर के रूप में थे) को एकत्रित करने के लिए लाखों की सँख्या में बैलेट बॉक्स की आवश्यकता थी। इसके साथ ही यह भी तय किया जाना आवश्यक था कि इन बैलेट बॉक्स को तोड़ कर या किसी अन्य तरीके से इनमें पड़े वोट के साथ हेरफेर न की जा सके इसलिए उस समय बैलेट बॉक्स बनाने के लिए एक ऐसी कंपनी को चुना जाना आवश्यक था जो सुरक्षा उपकरण बनाने के लिए जानी जाती हो।

इन सब बातों को ध्यान में रख कर उस समय की सरकार ने "Godrej & Boyce Co. Ltd" (गोदरेज एंड बायस को. लिमिटेड) को बैलेट बॉक्स बनाने के लिए चुना। क्योंकि यह कंपनी उस समय सुरक्षा ताले से सबंधित समान बनाने के लिए जानी जाती थी। इस कंपनी को जून 1951 में 12 लाख बैलेट बॉक्स बनाने का आर्डर दिया गया आर्डर पाकर कंपनी ने अपने विखरौली स्थित कारखाने में बैलेट बॉक्स बनाने प्रक्रिया शुरू की तथा सरकार की मांग पूरी करने के लिए कंपनी ने प्रति दिन 15 हजार बॉक्स बनाए। एक बॉक्स की कीमत 5 रुपए तय की गई तथा 12 लाख बैलेट बॉक्स को 23 राज्यों में वितरित करने का कार्य सम्पन्न किया गया।

इन बॉक्सों में विशेष तरह के ताले का प्रयोग किया गया था जिस कारण बैलेट बॉक्स को खोलने के लिए तालों तोड़ने की आवश्यकता पड़ती थी। यह व्यवस्था इसलिए कि गई ताकि बॉक्स को खोल कर वोट से छेड़छाड़ कर पुनः बंद न किया जा सके। इस तरह से भारत के प्रथम आम चुनावों के लिए बैलेट बॉक्स की आपूर्ति की गई।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट