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आर्थिक प्रतिबंध क्या होते हैं तथा क्यों लगाए जाते हैं?

दुनिया के प्रत्येक देश एक दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और उसमें पैसे का लेनदेन होता है जिसे हम आर्थिक लेन-देन भी कह सकते हैं। यदि कोई एक देश सामने वाले देश के साथ व्यापार नहीं करना चाहता है तो वह सामने वाले देश पर आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है जिसके बाद उन देशों के बीच पैसे का आदान प्रदान होना बंद हो जाता है और वे दोनों देश एक दूसरे की करेंसी का प्रयोग नहीं कर पाते। इन्हीं प्रतिबंधों को आर्थिक प्रतिबंध कहा जाता है।

आर्थिक प्रतिबंध लगाने वाले देशों में जो देश शीर्ष पर पर है वह है "संयुक्त राज्य अमेरिका" क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका की करेंसी "डॉलर" वैश्विक स्तर पर 60% हिस्सेदारी रखती है अर्थात विश्व स्तर पर जो व्यापार होता है उसमें 60% तक का लेन देन अमेरिकी डॉलर में किया जाता है और यदि अमेरिका किसी देश पर आर्थिक प्रतिबंध लगा देता है तो वह देश अमेरिकी करेंसी का प्रयोग कर लेन-देन करने में असमर्थ हो जाता है। क्योंकि अगर वह देश अमेरिकी डॉलर में लेन-देन करेगा तो जिस समय डॉलर के लेनदेन की वह प्रक्रिया अमेरिकी सिस्टम से होकर गुजरेगी तो वहां पर इस प्रोसेस को रोका जा सकता है और आपका लेनदेन प्रभावित किया जा सकता है ऐसी स्थिति में आप ज्यादातर देशों के साथ अपना लेनदेन करने में सक्षम नहीं हो पाते।

अपनी इसी आर्थिक मजबूती का फायदा उठाते हुए अमेरिका बहुत से देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाता रहा है। इससे उन देशों को व्यापार करने में तो समस्या आती ही है साथ में उनकी अर्थव्यवस्था को भी भारी क्षति पहुंचती है इसके अलावा छोटे-छोटे देश अमेरिका के साथ खड़े हुए नजर आते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर वे अमेरिका का साथ नही देंगे तो उन्हें भी आर्थिक प्रतिबंध झेलने पड़ सकते हैं। इसलिए जब किसी देश पर अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध लगाता है तो वह देश अलग-थलग पड़ जाता है उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर होने लगती है उस देश में बाहर से आने वाली वस्तुओं का दाम अचानक से बढ़ जाते है और उस देश की करेंसी गिरने लगती है इसी स्थिति को आर्थिक प्रतिबंध की स्थिति कहा जाता है।

अब जानते हैं आर्थिक प्रतिबंध क्यों लगाए जाते हैं। दरअसल, आर्थिक प्रतिबंध विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों पर उस समय लगाए जाते हैं जब विकासशील देश उनके इंट्रेस्ट के अनुसार कार्य नहीं करते। यदि कोई देश अमेरिका की कोई बात नहीं मानता या फिर किसी बात पर आमेरिका के साथ विवाद करता है तो अमेरिका उस देश को सबक सिखाने के लिए उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा देता है। इसके बहुत उदाहरण हमारे सामने आए हैं जिसमें उत्तर कोरिया, ईरान और रूस जैसे देशों पर लगाए गए प्रतिबंध शामिल हैं।

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