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NCR full form in Hindi | एन. सी. आर. फुल फॉर्म

भारत की राजधानी दिल्ली के साथ आपने NCR शब्द लिखा देखा होगा। दिल्ली एनसीआर शब्द समाचार पत्रों की मुख्य सुर्खियों में रहता है परन्तु इसकी फुल फॉर्म क्या है तथा NCR आखिर होता क्या है आइए जानते हैं।

NCR की फुल फॉर्म National Capital Region है जिसे हिन्दी में नेशनल कैपिटल रीजन लिखा जाता है तथा इसका हिन्दी अनुवाद है: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र। NCR वह क्षेत्र है जो राजधानी दिल्ली से सट्टा हुआ है तथा विकास हेतु जिसे दिल्ली राजधानी के साथ जोड़कर विकसित किया जा रहा है। एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली से सट्टे राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के जिलों को NCR क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है जिससे दिल्ली में स्थित सरकार चारों ओर समान रूप से विकास का प्रभाव डाल सके। एनसीआर में आने वाले प्रमुख शहरों में गुरुग्राम, गाज़ियाबाद, फरीदाबाद, मुजफ्फरनगर व नोएडा शामिल हैं। इन शहरों व नए मिलाए गए जिलों को दिल्ली के साथ मिलाकर इनको एक सयुंक्त नाम दिया गया है जिसे NCR कहा जाता है।

वर्तमान में NCR की सीमा में आने वाले जिलों की सँख्या 19 है जिसमें भविष्य में बढ़ौतरी की जाएगी। एनसीआर की महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें देश की जनसँख्या का वह भाग जो आर्थिक रूप से मजबूत व शिक्षित है भी शामिल है इन नागरिकों की अनुमानित सँख्या 4 करोड़ 70 लाख है जिस कारण इनका देश के केंद्रीय क्षेत्र की प्रगति में अच्छा खासा योगदान देखने को मिलता है। एनसीआर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की देख रेख नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड अर्थात राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड करता है जिसकी स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। इस बोर्ड का कार्य एनसीआर की सीमाओं का निर्धारण करना है तथा साथ ही यह बोर्ड इस क्षेत्र के विकास के लिए योजनाए बनाता है व विकास हेतु निर्धारित किए गए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रत्येक उत्तरदायित्व निभाता है।

अब प्रश्न यह उठता है कि दिल्ली के विकास का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों पर स्वयं ही हो रहा था तो NCR बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसका उत्तर है अव्यवस्थित विकास की बजाए संतुलित विकास को बल देना। क्योंकि यदि बिना योजना के दिल्ली से प्रभावित क्षेत्रों ने विकास की गति पकड़ी तो हो सकता है यह विकास किसी विशेष दिशा में बढ़ने लगे। इससे हानि यह होगी कि यदि विकास उत्तरी क्षत्रों की ओर बढ़ा तो दक्षिणी क्षेत्रों में पिछड़ापन देखने को मिलेगा और यदि दक्षिण के क्षेत्रों की ओर बढा तो उत्तरी क्षेत्रों में पिछड़ेपन का व्यापक प्रभाव होगा। इसीलिए दिल्ली को केंद्र मानकर प्रत्येक क्षेत्र में समान रूप से विकास गतिशील हो तथा धीरे-धीरे पूरे देश को विकसित बना दे इस उद्देश्य से एनसीआर का निर्माण किया गया है। इसीलिए NCR बोर्ड को यह जिम्मेवारी सौंपी गई है कि वह प्रत्येक स्तर पर व प्रत्येक क्षेत्र में बराबर विकास को गतिशील करे।

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