Sponsored Links

हरियाणा की जनसंख्या कितनी है

दिल्ली से सट्टे हरियाणा की जनसंख्या जनगणना 2011 के अनुसार दो करोड़, तिरेपन लाख, तिरेपन हजार, इक्यासी (2,53,53,081) है। लिंगानुपात में हरियाणा देश का सबसे पिछड़ा हुआ राज्य माना जाता है। इसलिए यहाँ पुरुष तथा महिलाओं की सँख्या में बड़ा फासला पाया जाता है महिलाओं की सँख्या पुरुषों के मुकाबले इस प्रदेश में अमूमन कम ही पाई जाती है। यद्दपि पिछली जनगणना के मुकाबले लिंगानुपात में लगातार सुधार देखा जाता रहा है। हरियाणा में पुरुषों की सँख्या 1 करोड़ 34 लाख के लगभग है वहीं इस प्रदेश में महिलाओं की सँख्या 1 करोड़ 18 लाख पर सिमटी हुई है 16 लाख के इस बड़े अंतर को अनदेखा नही किया जा सकता।

जनसंख्या की दृष्टि से हरियाणा भारत के 29 राज्यों में 18 वां स्थान रखता है वहीं भारत की कुल जनसँख्या का 2% के लगभग हरियाणा में निवास करता है। हालांकि कुल भारत की जनसँख्या का यह हिस्सा पहली नजर में छोटा प्रतीत होता है परन्तु देश की राजधानी दिल्ली को तीन तरफ से घेरता हरियाणा राज्य देश की राजनीति व आर्थिक शक्ति पर विशेष पकड़ रखता है। वहीं दिल्ली के तेज विकास का प्रभाव हरियाणा पर भी देखा जा सकता है।

हरियाणा की जनसँख्या में वर्ष 2001 से 2011 तक 40 लाख के करीब वृद्धि दर्ज की गई है। यद्दपि जनसँख्या बढ़ने की यह रफ्तार 1991-2001 में दर्ज की गई जनसँख्या बढ़ौतरी की रफ्तार के मुकाबले 10% कम थी। हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है तथा देश की आजादी के भी पूर्व से कृषि क्षेत्र में अपनी अग्रिमता दर्ज करवाता रहा है यही कारण है कि हरियाणा की 65% जनसँख्या आज भी गांवों में बसी है तथा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ी है वहीं 35% जनसँख्या नगरों में स्थानांतरित होकर देश की आधुनिक प्रगति में हिस्सेदार बन रही है।
Sponsored Links

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें