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भारत का सबसे बड़ा पशु मेला कहाँ लगता है

भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि के साथ-साथ भारत में पशुपालन का भी बहुत अधिक महत्व है कृषि और पशुपालन का कार्य एक दूसरे के समानांतर चलता है तथा दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। वहीं एक किसान का मुनाफा बढाने में पशुपालन सहायता करता है भारत में यूं तो बहुत स्थानों पर पशु मेले लगते हैं जहां पर पशुओं की बिक्री होती है लेकिन आज हम बात करेंगे भारत के सबसे बड़े पशु मेले की। आपको यह जानकर आश्चर्य भी होगा और खुशी का अनुभव होगा कि एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला भारत में ही लगता है अब यह मेला कहां लगता है और इस मेले के बारे में कुछ बातें जो आपको पता होनी चाहिए इस पोस्ट में बताई गई है इसलिए पूर्ण व स्पष्ट जानकारी के लिए इस पृष्ठ को अंत तक पढ़े।

भारत का सबसे बड़ा पशु मेला बिहार के सारण जिले में स्थित गांव सोनपुर में लगता है इस मेले को सोनपुर मेले के नाम से विश्व भर में जाना जाता है तथा क्षेत्रीय लोग इसे हरिपुर क्षेत्र मेला तथा छत्तर मेला के नाम से जानते हैं इसलिए यदि आप बिहार में रहते हैं तो आपको इसका क्षेत्रिय नाम ही सुनाई देगा। सोनपुर मेला भारत के साथ-साथ एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है यहां पर पशुओं की खरीददारी के लिए देशभर से लोग आते हैं तथा आसपास के पड़ोसी देशों के खरीदार भी इस मेले में पशु खरीदारी के लिए पहुँचते हैं यह मेला बहुत ही प्राचीन समय से यहां पर लगता है और इसका स्थान है गंगा तथा गंडक नदी का संगम। जहां पर ये दोनों नदियां मिलती हैं वहां पर यह मेला लगता है और इन दोनों नदियों का मिलन सोनपुर गांव में होता है। क्योंकि यह मेला बहुत पुराने समय से लगता आया है इसलिए बहुत सी ऐतिहासिक घटनाएं भी इसके साथ जुड़ी हुई हैं बिहार की राजधानी पटना जिसे पहले पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था, 300 ईसा पूर्व स्थापित मौर्य साम्राज्य के समय में चंद्रगुप्त मौर्य के अधीन था चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा हाथी तथा घोड़ों की खरीदारी सोनपुर मेले से की जाती थी जो कि इस मेले से जुड़ा बड़ा ऐतिहासिक तथ्य है तथा इस मेले को ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाता है इसके अलावा मुगल साम्राज्य के समय में अकबर ने भी इस मेले से हाथी-घोड़ों की खरीदारी की है। माना जाता है कि प्राचीन समय में मध्य एशिया से भी खरीदार इस मेले में आते थे। आज भी सोनपुर मेले में हाथी और घोड़ों की खरीदारी आकर्षण का केंद्र रहती है 1 महीने तक चलने वाले इस मेले में बहुत सी नौटंकियों का आयोजन भी किया जाता है जिस कारण यह क्षेत्रिय स्तर पर होने वाले वार्षिक व्यापार का केंद्र भी बना हुआ है तथा बिहार राज्य की आय में कुछ हद तक वृद्धि भी करता है इसके अलावा पशुओं की विभिन्न प्रजातियों के एक ही स्थानों पर सयुंक्त रूप से मिल जाने के कारण पशु खरीदार भी संतुष्ट हो जाते हैं। तो यह थी भारत के सबसे बड़े पशु मेले सोनपुर मेले के बारे में जानकारी इसके अलावा अगर आपका कोई जीके से संबंधित प्रश्न है तो आप टिप्पणी के माध्यम से पूछ सकते हैं।
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