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मुगल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी

मुग़ल साम्राज्य का संस्थापक बाबर था जिसका पूरा नाम जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था। हालाँकि भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना करना बाबर का उद्देश्य कभी नही रहा किन्तु वह इस बात से वाकिफ था कि भारत में अपार धन है तथा वहाँ के शासक इतने योग्य नही है कि किसी बाहरी आक्रमण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ सके क्योंकि अफगानी शासक माल लूटने के लिए अक्सर भारत में लूटपाट करते थे। ये सब जानकर बाबर को भारत पर आक्रमण करने का मन था किन्तु वह इस आक्रमण के लिए कभी आश्वस्त नही हो सका था। फिर जब इधर दिल्ली में शासन कर रहे अफगानी शासक इब्राहिम लोधी तथा उसी के साम्राज्य में लाहौर के गवर्नर रहे दौलत खां लोधी के बीच मतभेद हुए तो दौलत खां ने इब्राहिम को दिल्ली से उखाड़ फेंकने के मकसद से बाबर को भारत पर हमला करने का न्यौता दिया। इसी समय राणा सांगा ने भी बाबर को भारत पर आक्रमण करने का आमंत्रण भेजा इस प्रकार दिल्ली के शासक के खिलाफ भड़क रही आग की भनक बाबर को लगी और उसने भारत पर आक्रमण करने की ठानी। कई महीनों की तैयारी के बाद बाबर अपनी विशाल सेना लेकर भारत की ओर बढ़ा। जैसा कि आमंत्रण में लिखा था बाबर की सीधी टक्कर इब्राहिम लोधी के साथ होनी थी। इब्राहिम लोधी भी कम नही था वह भी एक विशाल सेना लेकर बाबर के आक्रमण का जवाब देने निकल पड़ा। दोनों पक्षों की टक्कर पानीपत में हुई। 1526 में हुए इस युद्ध को इतिहास ने पानीपत के प्रथम युद्ध के नाम से जाना। हालाँकि इब्राहिम लोधी बाबर से चार गुना अधिक सेना लेकर गया था किन्तु युद्ध कुशलता के कारण बाबर विजयी हुआ तथा लोधी वंश का खात्मा कर मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी। मुग़ल साम्राज्य की स्थापना के 4 वर्ष पश्चात 1530 में इसके संस्थापक बाबर की मृत्यु हो गई। परन्तु उसके द्वारा स्थापित किया गया मुग़ल साम्राज्य 300 से भी अधिक वर्षों तक अस्तित्व में रहा।

1). मुग़ल साम्राज्य कब से कब तक अस्तित्व में रहा?
1526 से 1857 तक (300 वर्ष तक अस्तित्व में रहने के पश्चात अंग्रेजों के आने के बाद मुग़ल साम्राज्य का अंत हो गया)

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